
रांची : झारखंड विधानसभा में भाजपा के विधायक दल के नेता और विपक्ष के नेता के रूप में नामित पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी का मामला और गहराता नजर आ रहा है. इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष लगातार किसी को पीछे छोड़ने के मूड में नहीं है. जाहिर सी बात है कि इसको लेकर हर हथकंडा अपनाया जा रहा है. इस मामले को लेकर कांग्रेस की महिला विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने एक याचिका विधानसभा के न्यायाधिकरण में लगायी है. दीपिका पांडेय सिंह ने अपनी याचिका में बाबूलाल मरांडी के मामले में फैसला जल्द करने के साथ ही प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को कांग्रेस विधायक की मंजूरी देते हुए विलय को मंजूरी देने की याचिका दायर की है. इस मामले में अभी सुनवाई बाकि है. दूसरी ओर, बाबूलाल मरांडी खुद बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में कैवियेट दाखिल कर दिये. इसके तहत अब बाबूलाल मरांडी के मामले में अगर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी तो बाबूलाल मरांडी का पक्ष भी जाना जायेगा. आपको बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट ने बाबूलाल मरांडी को राहत दी है और झारखंड के स्पीकर के न्यायाधिकरण की सुनवाई रोक दी है, जिसको लेकर सरकार या विधानसभा अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट जा सकता है, जिसको देखते हुए बाबूलाल मरांडी ने भी एहतियाती कदम उठाये है. बाबूलाल मरांडी के कैवियेट दायर करने की पुष्टि उनके अधिवक्ता आरएन सहाय ने की है. आपको बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने दल बदल कानून के मामले में बाबूलाल मरांडी को नोटिस दी थी और सुनवाई शुरू कर दी थी. इसके खिलाफ बाबूलाल मरांडी ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पीकर को सुनवाई नहीं करने की सलाह दी है.





