रांची: बजट सत्र के दौरान सदन में कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने जातिगत जनगणना का मामला उठाया. उन्होने राज्य में जातिगत सर्वे की मांग की जा रही है. उन्होंने कहा कि जातिगत सर्वेक्षण कराने से भारत सरकार अपना हाथ पीछे खींच रही है. जबकि 17 फरवरी 2024 को कैबिनेट में जाति सर्वे का फैसला लिया जा चुका है. इस पर मंत्री दीपक बिरुवा ने जबाव देते हुए कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में जातिगत जनगणना का काम किया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना का कार्य आवंटित होने के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार व राजभाषा विभाग के द्वारा इस संबंध में अग्रसर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है. इसमें वित्तीय प्रबंधन सहित कई पहलूओं का भी आकलन किया जाएगा. (नीचे भी पढ़े)
इसके अलावा विधायक सरयू राय ने नगर निकाय चुनाव संबंधित प्रश्न उठाया. इसका जवाब देते हुए मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि 21 जिलों में सर्वे का काम पूरा हो गया है. अभी समय है. तीन जिलों के सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा. विदित हो कि देश के तीन राज्यों में जातिगत जगगणना करायी जा चुकी है.साथ ही सात राज्य जातिगत जगगणना की मांग कर रहे है. साथ ही साथ मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार ओबीसी को आरक्षण देने के लिए कटिबद्ध है. भाजपा शासनकाल में ओबीसी का आरक्षण 27 फीसदी से घटाकर 14 फीसदी कर दिया गया था. जबकि तमिलनाडू में 69 फीसदी आरक्षण है. ट्रिपल टेस्ट के अंतर्गत डोर टू डोर सर्वे का कार्य सभी जिलो में कराया जा रहा है. जिसके अंतर्गत कोडरमा रांची व देवघर को छोड़कर अन्य सभी 21 जिलों से प्रतिवेदन प्राप्त हो गया है. जिन जिलों से प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है. उन जिलों में प्रतिवेदनों की समीक्षा व जांच के लिए आयोग की टीम दौरा कर रही है.




