रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन भू राजस्व, परिवहन और पथ निर्माण की अनुदान मांग ध्वनिमत से पारित हो गया. भू राजस्व मंत्री दीपक बिरूआ अपनी बात रखते हुए सदन में कहा कि सरकार जमीन के व्यवसायिक उपयोग पर टैक्स लगाने पर विचार कर रही है. 1996 के अनुरूप ही पेसा नियमावली बनाने की प्रक्रिया जारी है. मॉडर्न रेकॉर्ड रूम की स्थापना की जाएगी. अंचल और प्रखंड कार्यालयों में कड़ाई की जाएगी. सीओ को म्यूटेशन रिजेक्शन के लिए 50 शब्दों में लिखकर ठोस कारण बताना होगा. नियम-कानून में पारदर्शिता लाई जाएगी.भू राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा है कि खासमहल की हजारों एकड़ जमीन को जल्द ही फ्री होल्ड किया जाएगा. उन्होंने सदन को बताया कि खासमहल की जमीन को रैयतों के नाम करने के लिए सदस्य राजस्व परिषद की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है. कमेटी की 3-4 बैठकें हो चुकी है. अब अंतिम बैठक के बाद 45 दिनों के अंदर निर्णय ले लिया जाएगा. इससे पूर्व भाजपा विधायक आलोक चौरसिया ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से सरकार से जानना चाहा था कि जो लोग बरसों से खासमहल की जमीन पर रह रहे हैं उन्हें उस जमीन का मालिकाना हक क्यों नहीं दिया जा रहा.विधायक आलोक चौरसिया का कहना था कि डाल्टनगंज में काफी संख्या में लोग खासमहल की जमीन पर रहते आए हैं. राज्य के अन्य जिलों में भी यही स्थिति है. लेकिन उन्हें जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल रहा है. वह अपना घर नहीं बना पा रहे हैं. जो घर बना चुके हैं उन्हें परेशान किया जा रहा है. भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी का भी कहना था कि कृषि योग्य भूमि पर भी रैयतों का 100 वर्ष से अधिक का कब्जा है. लेकिन सरकार सड़क निर्माण व अन्य कार्यों के लिए जब भूमि अधिग्रहित करती है तो उसे सरकारी जमीन बता कर कोई मुआवजा नहीं देती है. राज्य में इससे हजारों लोग परेशान हैं.(नीचे भी पढ़े)
मंत्री बिरूआ ने कहा कि 1884 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम को भाजपा सरकार ने संशोधन कर दिया. 2013 के सेक्शन एक प्रावधान था कि जमीन के उपयोग के बाद जो जमीन बचती है, उसे पांच साल के बाद रैयत को वापस करने का प्रावधान था. लेकिन भाजपा सरकार ने इसे लैंड बैंक में शामिल करने का प्रावधान कर दिया. चारगाह भूमि और गैर मजूरवा भूमि को भी लैंड बैंक में शामिल कर दिया. सरकार ऐसे जमीन को रैयतों को वापस करने का विचार कर रही है.मंत्री ने कहा कि 13 जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में चेक पोस्ट लगाए जाएंगे. इससे लगभग 1000 करोड़ रुपए राजस्व की प्राप्ति होगी. सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश के लिए 15 जिलों ब्रेथ एनालाइजर वितरित कर दिए गए हैं. सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. सड़क सुरक्षा को पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाएगा. राजेश कच्छप ने खतियानी लोगों को संरक्षण देने की मांग की. कहा कि गैर कानूनी तरीके से जमीन लूट को रोकना होगा.नीरा यादव ने कहा कि अंचल में दाखिल खारिज में कई त्रुटियां है. आवेदन अस्वीकृत कर दिया जा रहा है.प्रदीप यादव ने कहा कि नए डीपीआर का एलायनमेंट बदला जा रहा है. जंगल के साथ अन्य जगहों के पेड़ कट रहे हैं. विदेशों में एक भी पेड़ नहीं काटे जाते हैं. उन्होंने कहा कि एसपीटी, सीएनटी के बाद जमीन बचाने के लिए 2013 में भूमि अधिग्रहण कानून आया, उसको भी भाजपा ने कमजोर करने का प्रयास किया. सर्वे का काम युद्ध स्तर पर कराया जाए. ग्रामीण विकास विभाग और राजस्व विभाग के ऑफिस में दलालों का अंकुश लगाया जाए.



