
रांची : कोरोना को नियंत्रित करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद सड़कों पर है. वे रांची में खुद गाड़ी से घुमते नजर आये. गाड़ियों के काफिले के साथ वे लॉकडाउन की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकल गये और अधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिये. इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोडरमा जिले में नवनिर्मित डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में 250 बेड और सरकारी कोविड सदर अस्पताल में 20 ऑक्सीजन पाइप लाइन युक्त बेड का ऑनलाइन उद्घाटन किया. इस मौके पर हेमंत सोरेन ने कहा कि इस वैश्विक संक्रमण से निपटने की दिशा में हमने एक कदम और आगे बढ़ाया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर काफी खतरनाक साबित हो रही है. यह हमारे शरीर को बहुत तेजी से नुकसान पहुंचा रहा है. इस संक्रमण से बचाव के लिए दवाइयों से ज्यादा और पहले ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है. ऐसी स्थिति में राज्य के अस्पतालों में मरीजों को ऑक्सीजन युक्त बेड अथवा ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार लगातार कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सामान्य एवं नियमित बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. संक्रमितों को ऑक्सीजन के लिए किसी तरह की कोई चिंता नहीं करनी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना महामारी की भयावहता को जागरूकता के अभाव में लोग नहीं समझ पा रहे हैं. इस वजह से यहां संक्रमण तेजी से फैल रहा है. इस संक्रमण से लोगों की मौत भी हो रही है, लेकिन कोविड प्रोटोकॉल के तहत उनका दाह संस्कार नहीं हो रहा है. ऐसे में अगर ग्रामीण इलाकों में संक्रमितों की पहचान कर उन्हें आइसोलेट करने अथवा उनका इलाज कराने की नितांत जरूरत है, ताकि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके. उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे इस दिशा में अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं. विशेषकर जिन लोगों की मौत हो रही है, उनके परिजनों का कोविड टेस्ट हर हाल में हो. इससे संक्रमण के फैलाव के स्तर का पता चल सकेगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय से स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, विकास आयुक्त-सह-स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे और कोडरमा से विधायक और पूर्व मंत्री नीरा यादव, विधायक अमित कुमार यादव, जिला परिषद कार्यकारी समिति की अध्यक्ष शालिनी गुप्ता और उपायुक्त रमेश घोलप के अलावा जिला प्रशासन के कई पदाधिकारी ऑनलाइन मौजूद थे.





