रांची : झारखंड में कांग्रेस के सहयोग से चल रही हेमंत सोरेन की सरकार ने तीन साल पूरे कर लिये है. तीन साल पूरे होने के बाद अब कांग्रेस कैबिनेट में अपने विधायकों में बदलाव करने जा रही है. यानी मंत्रियों में बदलाव होगा. बताया जाता है कि कांग्रेस कोटे के चार मंत्रियों को बदला जा सकता है. कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडेय ने सभी मंत्रियों को यह निर्देश दिया था कि वे लोग अपने अपने जिलों या प्रदेश कार्यालय में जनसुनवाई करें, लेकिन उन लोगों ने कुछ नहीं किया. शुरु में यह अभियान तो चला, लेकिन अब ऐसा नहीं होता है. शिकायतों के समाधान की रिपोर्ट भी मंत्रियों ने नहीं सौंपी है. मंत्रियों को छह-छह जिला दिया गया है. लेकिन इन जिलों में भी जनसुनवाई नहीं हुई है. बताया जाता है कि चार मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड प्रभारी ने कांग्रेस आलाकमान को सौंप दी है और बदलने की सिफारिश कर दी है. इसमें कई बड़े नेता भी शामिल है. इन चार मंत्रियों को बदलने के साथ ही महिला विधायकों को मंत्री पद देने को लेकर कांग्रेस ने तायीर की है. महगामा कि विधायक दीपिका पांडेय सिंह, झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह और बड़कागांव की विधायक अंबा प्रसाद का नाम इसमें शामिल है. दूसरी ओर, कई मंत्रियों के स्थानीय नेताओं से नहीं पट रहा है, ऐसी रिपोर्ट इकट्ठा की गयी है. आलाकमान के एक बड़े नेता के साथ मंत्री की अदावत भी बदलाव का बड़ा कारण बन सकता है. बताया जाता है कि इन मंत्रियों में एक मंत्री का हाल ही में परिवारवाद को बढ़ावा देने की कोशिश की गयी है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट भी गयी है. ऐसे में इन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई करने और मंत्री पद से हटाने की तैयारी की गयी है.



