जमशेदपुर : पिछले एक वर्ष से सिंहभूम चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री लगातार ये मांग कर रहा था की प्रथम कुछ वर्षों के जीएसटी मिसमैच संबंधित मामलों का विभाग सहानुभूति पूर्वक तरीके से निपटारा करे. इसके लिए चैंबर ने विभिन्न स्तरों पर अपनी बात पहुंचाई थी. केंद्रीय मंत्री भागवत कराड के जमशेदपुर प्रवास के दौरान सचिव वित्त एवं कराधान पीयूष चौधरी अधिवक्ता ने उन्हें भी इस बात का आग्रह किया था तथा इसी एवज में महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी एक सर्कुलर की प्रतिलिपि भी दी थी. केंद्रीय मंत्री ने चैंबर की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए इसे सही फोरम पर उठाने का अश्वासन दिया था. इसके अलावा चैंबर ने इस विषय पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन से लेकर केंद्र एवं राज्य जीएसटी कमिशनर तक को ज्ञापन दिया था. (नीचे भी पढ़ें)
निरंतर प्रयास के फलस्वरूप सरकार द्वारा पिछले सोमवार को एक सर्कुलर जारी कर वित्तीय वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 के मिसमैच संबंधित मामलों के लिए गाइडलाइंस दिये गए हैं. सर्कुलर के मुताबिक, विभिन्न स्थितियों में यदि क्रेता द्वारा खरीदे गए माल का बिल उसके जीएसटी आर 2 ए में नहीं भी दिख रहा हो तो भी ऑफिसर को उसके पास उपलब्ध बिल की छाया प्रतियों के अनुसार उसके आईटीसी का लाभ उसे देना है. हालांकि 5 लाख से ऊपर के टैक्स मामलों में सीए सर्टिफिकेट अनिवार्य रहेगा. इन सैकड़ों मामले, जिनमें विक्रेता ने सरकार को उचित टैक्स की राशि तो जमा करा दी है किंतु किसी कारण से उसे जीएसटी आर 1 में क्रेता के नाम पर नहीं चढ़ा सका हो, में अब उक्त सर्कुलर आने से निपटारा आसान हो जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)
चैंबर अध्यक्ष विजय आनंद मूनका उक्त सर्कुलर के लिए केंद्र सरकार एवं जीएसटी काउंसिल को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि संपूर्ण व्यापार जगत को इसका फायेदा आने वाले समय में मिलेगा. उपाध्यक्ष वित्त एवं कराधान सीए दिलीप गोल्छा ने कहा की इस सर्कुलर की वजह से विभाग में लंबित अनगिनत मामलों का अब व्यापारी हित में निपटारा हो सकेगा. महासचिव मानव केडिया ने भी उक्त सर्कुलर के जारी होने पर हर्ष जताया. इसके अलावा जीएसटी रूल्स संबंधित एक विस्तृत नोटिफिकेशन केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया है जिसमें पोर्टल की विभिन्न विसंगतियों एवं अन्य मुद्दों को सुधारने का प्रयास किया गया है. सचिव वित्त एवं कराधान पीयूष चौधरी अधिवक्ता ने कहा की चैंबर द्वारा जीएसटी में हुए विभिन्न बदलवों को लेकर एक सेमिनार भी जल्द कराया जायेगा एवं अगले वर्ष भी चैंबर व्यापारी हित में विभिन्न मुद्दों को उचित मंच पर उठाता रहेगा.



