रांची : रांची स्थित संत जेवियर कॉलेज के प्रेक्षागृह में जस्टिस एमवाइ इकबाल के जीवनी को याद करते हुए एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. संगोष्ठी का विषय संवैधानिक परिवर्तन की परिवेश में उचित और सही न्याय. भारतीय संविधान की अनुच्छेद 21 पर की गई कार्यक्रम का संचालन इंडियन एसोसिएशन आफ लॉयर्स के महासचिव अब्दुल कलाम रसीदी ने किया श्री रसीदी स्टेट बार काउंसिल के सदस्य भी हैं. उन्होंने कार्यक्रम का संचालन किया. अशफाक राशिद ने अपने सहयोगियों के साथ किया इस कार्यक्रम का आयोजन किया. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश संदीप मेहता ने विस्तारपूर्वक भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत पूरे भारत के नागरिकों को सही और उचित न्याय मिले, इस पर प्रकाश डाला. (नीचे भी पढ़ें)
स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्ण ने भी विस्तारपूर्वक न्यायाधीश एमवाइ इकबाल के जीवन पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि वह स्वयं में एक आध्यात्मिक व्यक्ति थे और सभी को एक समान न्याय देते थे. इस कार्यक्रम में मंच पर उपस्थित पूर्व न्यायाधीश वाइएस लोहित, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश आनंद सेन, न्यायाधीश रत्नाकर भेंगरा, न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायाधीश रामचंद्र बैग, न्यायाधीश अनिल कुमार चौधरी और न्यायाधीश नवनीत कुमार मौजूद थे. (नीचे भी पढ़ें)
इस कार्यक्रम में जमशेदपुर से आए हुए इंडियन एसोसिएशंस आफ लॉयर्स के महासचिव अधिवक्ता दिलीप कुमार महतो, अक्षय कुमार झा, वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य स्टेट कमिटी इंडियन एसोसिएशन का लॉयर्स अधिवक्ता एससी बरनवाल, वीरेंद्र कुमार सिन्हा, रमेश कुमार वर्मा, संदीप कुमार, सुनील कुमार मोहंती, रंजीत कुमार राम, रविंद्र कुमार ठाकुर, प्रिया शर्मा के साथ लगभग 50 से ज्यादा अधिवक्ता मौजूद थे. कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एके झा ने किया.



