देवघर : झारखंड के देवघर उपायुक्त विशाल सागर द्वारा सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस आर मित्रा प्लस टू स्कूल में फाईलेरिया उन्मूलन के तहत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन महाभियान कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया. इस दौरान उपायुक्त, सिविल सर्जन डॉ युगल किशोर चौधरी एवं उपस्थित अधिकारियों व चिकित्सक के साथ-साथ उपस्थित बच्चों ने एलवेंडाजोल की गोली खाकर देवघर को फाईलेरिया मुक्त जिला बनाने का संकल्प लिया. इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त विशाल सागर द्वारा जानकारी दी गयी कि फाईलेरिया से बचाव हेतु सबसे महत्वपूर्ण है कि एल्बेंडाजोल की गोली को चबाकर खाना है और इसे खाने के क्या-क्या लाभ है. आगे उन्होंने स्कूली छात्राओं को जानकारी देते हुए कहा कि हमारे शरीर के अंदर बहुत सारे जीवाणु, विषाणु, प्रोटोजोआ आदि निवास करते हैं. इनमें से कुछ हमारे शरीर के लिए लाभदायक है, परंतु कुछ ऐसे भी हैं जिससे हमारे शरीर को हानि पहुंचती हैं. ऐसे में हमारे लिए यह आवश्यक होता है कि हम उसे चिन्ह्ति कर उसका नाश करें, ताकि हमारे शरीर की रक्षा वैसे हानिकारक जीवाणुओं से हो सकें. इसके लिए हम तरह-तरह के औषधियों का सेवन भी करते हैं. इसी प्रकार कृमि संक्रमण भारत के लिए जनस्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण विषय है एवं बच्चों में यह सर्वाधिक होता है, जिससे बच्चों के शारीरिक विकास, पोषण और ज्ञान संबंधी विकास के साथ-साथ विद्यालय की उपस्थिति पर भी हानिकारक प्रभाव पड़ता है. ऐसे में इसके रोकथाम हेतु आवश्यक है कि 01 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को निश्चित समयांतराल पर कृमि नाशक दवाई का सेवन करायी जानी चाहिए. वहीं उपस्थित लोगों को उपायुक्त ने एल्बेंडाजोल गोली को लेने के फायदे व स्वच्छता संबंधी व्यवहार को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि पर्सनल हाइजीन, इमन्यूटी व साफ-सफाई को आत्मसात करें. (नीचे भी पढ़ें)

साथ हीं दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें, ताकि सभी के जनसहयेग से इसे शतप्रतिशत किया जा सके. आगे उन्होंने फाइलेरिया उन्मूलन, उपचार तथा सावधानियां बरतने के बारे में जानकारी दी गयी. आगे उन्होंने जानकारी दी कि फाइलेरिया एक वेक्टर जनित रोग है जिसका उपचार बेहद कठिन है तथा फाइलेरिया क्युलेक्स मच्छर द्वारा फैलता है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि फिलारिया से बचाव की नि:शुल्क दवा मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) के तहत किया जा रहा है. दवा का सेवन तथा मच्छरदानी का प्रयोग करके फाइलेरिया से बचा जा सकता है. आगे उन्होंने बताया की फिलरिया उन्मूलन के लिए बूथ बनाए गए हैं जिनकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी तथा हर घर सर्वे के द्वारा फाईलेरिया से बचाव की दवा का लाभ शत प्रतिशत लोगां तक पहुंचाया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ युगल किशोर चौधरी द्वारा जानकारी दी गयी कि प्रखण्ड से पंचायत स्तर पर सभी के सहयोग से जागरूकता फैलाई जाएगी. बूथ के माध्यम से सहिया दीदी, सेविका दीदी एवं स्वयंसेवक समूहों के द्वारा फाइलेरिया से बचाव की दवा का वितरण किया जाएगा. आगे उन्होंने 10 से 25 फरवरी तक चलने वाला मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन का उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा की फाईलेरिया का उन्मूलन तभी संभव है जब शत प्रतिशत लोग बचाव की दवा खायेंगे. इस बीमारी का संक्रमण आमतौर पर बचपन में ही हो जाता है. संक्रमण के बाद 5 से 15 वर्ष के बाद मनुष्यों में यह हाथीपांव, हाइड्रोसील इत्यादि के रूप में दिखाई देता है. (नीचे भी पढ़ें)
उपायुक्त ने फाइलेरिया से ग्रसित लाभुकों के बीच व्हील चेयर व ट्राईसाइकिल का किया वितरण – इसके अलावे फाईलेरिया से बचाव हेतु मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान के सफल संचालन हेतु हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ उपायुक्त द्वारा किया गया. इसके अलावा उपायुक्त ने फाइलेरिया से ग्रसित मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं से अवगत हुए. साथ ही उपायुक्त ने सभी को निशुल्क व्हीलचेयर और ट्रायसाइकिल प्रदान किया. कार्यक्रम में उपायुक्त के अलावे सिविल सर्जन डॉ युगल किशोर चौधरी, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार, जिला योजना पदाधिकारी मुकेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार, जिला भीभीडी पदाधिकारी डॉ सिंह आलोक कुमार, जिला भीभीडी सलाहकार डॉ गणेश कुमार, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी के साथ-साथ विभाग अधिकारी, चिकित्सक, स्कूल के शिक्षक व स्कूली बच्चे, स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित थे.



