रांची : झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्र की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार से सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिग के माध्यम से नये अपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुसंधान की गुणवता तथा तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने के संबंध में व्यापक रूप से समीक्षा की गई. समीक्षा के क्रम में पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड ने प्रत्येक जिले में सीसीटीएनएस की उपलब्धता एवं उनकी कार्य प्रगति एवं सीसीटीएनएस में लंबित डाटा इंट्री कार्यों को जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया. साथ ही अनुसंधान कार्यों के लिए आवश्यक मोबाईल फोन की खरीद प्रक्रिया की समीक्षा की तथा अनुसंधान पदाधिकारियों को डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण एवं ई-साक्ष्य पोर्टल पर साक्ष्यों के समयबद्ध एवं शत प्रतिशत अपलोडिंग करने का भी निर्देश दिया. (नीचे भी पढ़ें)
इसके अतिरिक्त सभी जिलों को कांडो का अनुसंधान 60 से 90 दिनों के अन्दर पूर्ण करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया. उन्होंने बताया कि समयबद्ध अनुसंधान से न्यायिक प्रक्रिया मजबूत होगी तथा आम जनता का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास और अधिक बढ़ेगा. इसके लिए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन एवं अनुसंधान की गुणवता बनाये रखने पर बल दिया गया. इस संबंध में वरीय पुलिस अधीक्षक, धनबाद द्वारा उक्त संदर्भ में एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण भी दिया गया. अनुसंधान के मद्देनजर सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि नये आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन हेतु पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक तकनीक सक्षम, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाए ताकि झारखण्ड पुलिस आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर जनता को त्वरित एवं बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध करा सके. (नीचे भी पढ़ें)
इस समीक्षा बैठक में डीजीपी के अलावा आइजी प्रशिक्षण ए० विजयालक्ष्मी, आइजी अभियान नरेन्द्र कुमार सिंह, डीआइजी संध्यारानी मेहता एवं अन्य पदाधिकारी गण भौतिक रूप से तथा वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक, वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, झारखण्ड उपस्थित रहें.






