
रांची : झारखंड में शुक्रवार और शनिवार की मध्य रात्रि 12 बजे से निर्बाध रुप से बिजली की आपूर्ति की जायेगी. शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव और शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने संयुक्त रुप से दामोदर वैली कारपोरेशन (डीवीसी) के चेयरमैन रामनरेश सिंह के साथ बैठक की. डीवीसी ने आश्वस्त किया है कि शुक्रवार की मध्य रात्रि 12 बजे (शनिवार) से निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति की जाएगी तथा सभी मुद्दों पर सोमवार को बैठक करते हुए मामलों को सुलझा लिया जाएगा. इस मीटिंग के दौरान राज्य के शिक्षा मंत्री सह गिरीडीह के विधायक जगरनाथ महतो ने कहा कि झारखण्ड का भी कोयला कंपनियों के पास लगभग 60 हज़ार करोड़ बकाया है, तो क्या हम कोयला रोक दें ? 600 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हर हाल में झारखण्ड को मिलना चाहिए. इस पर सहमती बनी है. (नीचे देखे पूरी खबर)

रांची के प्रोजेक्ट भवन में डीवीसी और सरकार के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई. डीवीसी के चेयरमैन ने यहां आश्वासन दिया कि सात जिलों में बिजली एकदम नहीं काटी जायेगी. आपको बता दें कि डीवीसी सात जिलों में ही बिजली की आपूर्ति करता है. डीवीसी के बकाया की राशि को लेकर तीन बार सीधे झारखंड सरकार के आरबीआइ के खाते से राशि की कटौती की जा चुकी है. राज्य सरकार पर लगभग 4500 करोड़ रुपये का बकाया है. इसको लेकर छह नवंबर से लगातार 300 मेगावाट बिजली की कटौती की जा रही थी, जिससे लोगों में गुस्सा है. जिन सात जिलों में डीवीसी आपूर्ति करती है, उसमें बोकारो, गिरीडीह, धनबाद, कोडरमा, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ जिला शामिल है. इन सातों जिलों में बिजली की आपूर्ति अब सामान्य हो जायेगी. इस दौरान डीवीसी के चेयरमैन ने मंत्रियों का अपनी ओर से स्वागत भी किया गया. इस दौरान यह तय किया गया कि बिजली के भुगतान को लेकर एक रुपरेखा तय हो जायेगी. इसके लिए अलग से सोमवार को फिर से बैठक होगी. फिलहाल, बिजली की आपूर्ति को सामान्य रखा जायेगा.




