धनबाद: धनबाद के कोयला कारोबारी मनोज अग्रवाल के आवास व धनसार स्थित उनके कार्यालय पर ईडी का छापेमारी की है. ईडी की टीम दोनों जगहों पर मौजूद कागजात,खाता बही, और संपत्ति संबंधी रिकार्ड की बारीकी से जांच की. साथ ही केंद्रीय सुरक्षा बल भी तैनात थे. ताकि पूरे अभियान को सुरक्षित रूप से संचालित किया जा सके. ईडी की यह कार्रवाई कोयला कारोबार में कथित मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी और अवैध आय के स्रोतों की जांच से जुड़ी है. हाल के दिनों में एजेंसी को मनोज अग्रवाल और उनसे जुड़े कुछ कारोबारी नेटवर्क से खिलाफ कई अहम दस्तावेज और बैंक ट्रांजेक्शन के जानकारी मिले थे. (नीचे भी पढ़े)
इसी आधार पर ईडी ने उक्त कार्रवाई की है. विदित हो कि इससे पहले 22 नवंबर को भी ईडी ने धनबाद जिले के कोयला कारोबारी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 18 ठिकानों पर एक साथ रेड मारा था. उस दौरान भी कई अहम दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे. एजेंसी को शक है कि धनबाद स्थित कुछ कारोबारी समूह अवैध खनन और कोयले की काली कमाई को कानूनी रूप देने के लिए हवाला और शेल कंपनियों का उपयोग कर रहे हैं.(नीचे भी पढ़े)
दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम धनबाद में कम से कम तीन कोयला कारोबारियों को ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. ईडी की टीम डेको आउटसोर्सिंग कंपनी के संचालक मनोज अग्रवाल, कोयला के बड़े कारोबारी मनोज अग्रवाल, सुधीर चौटाला और इंद्रराज भदौरिया के ठिकानों की तलाशी ले रही है. मनोज अग्रवाल आउटसोर्स कंपनी डेको के संचालक एवं ट्रांसपोर्टर भी है. ईडी की यह कार्रवाई कोयला के अवैध कारोबार के जरिए मनी लांड्रिंग से जुड़ा बताया जा रहा है.जानकारी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयले की काली कमाई की जांच के दूसरे दौर में लाल बहादुर सिंह से जुड़े लोगों के धनबाद और कोलकाता स्थित ठिकानों को निशाना बनाया है. छापामारी के दायरे में गोदवरी कामोडिटिज और धनसार इंजीनियरिंग के जुड़े लोगों के धनबाद और कोलकाता स्थित ठिकानों पर छापा मारा है.जानकारी के मुताबिक इंद्रराज भदोरिया झारखंड और पश्चिम बंगाल का सबसे बड़े कोयला ट्रांसपोर्टरों में से एक हैं. इंद्रराज भदौरिया की कंपनी दोनों राज्यों से देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित पावर कंपनियों में कोयला की ट्रांसपोर्टिंग करती है. भदौरिया के साथ कई दूसरे कोयला ट्रांसपोर्टर भी जुड़े हुए हैं.



