रांची: जमीन से संबंधित मामले की पूछताछ के लिए ईडी ने झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को 24 अगस्त को ईडी कार्यालय बुलाया गया था. समन के मुताबिक 11 बजे उन्हें ईडी कार्यालय पहुंचना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे. वे अपने आवास से सीधा धुर्वा स्थित सचिवालय पहुंचे हैं. इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय को सीएमओ की ओर से चिट्ठी भेजी गयी है. इस चिट्ठी में क्या लिखी हुई हैं, यह स्पष्ट नहीं हो सका है. वहीं उन्होंने ईडी के समन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल याचिका दायर की है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार को ईडी ऑफिस आने वाले थे, जिसको लेकर सुरक्षाकर्मी तैनात थे. यहां सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के जवानों की तैनाती की गयी थी. एयरपोर्ट रोड भी पुलिस छावनी में तब्दील किया गया था.(नीचे भी पढ़े)
विदित हो कि 14 अगस्त को हाजिर होने के संबंध पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईडी को पत्र भेजा था. पत्र में उन्होंने ईड की ओर से भेजे गए नोटिस को गैर कानून बताते हुए कहा था कि वह कानूनी सलाह ले रहे हैं इसके बाद ही आगे का कोई कदम उठाएंगे. सीएम की ओर से भेजे गए पत्र मिलने के बाद ईडी ने दूसरा समन जारी किया और 24 अगस्त को ईडी ऑफिस बुलाया था, जहां पर जमीन संबंधित पूछताछ की जानी थी. लेकिन वे बंद लिफाफा ईडी आफिस भिजवा दिया है.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से ईडी को भेजे गए पत्र का जवाब ईडी ने दिया था.(नीचे भी पढ़े)
ईडी ने इस बात से इंकार किया है कि एजेंसी राजनीतिक कारणों से उन्हें समन कर रही है. ईडी ने बताया है कि जमीन घोटाले की जांच के दौरान आए तथ्यों के बाद ही उन्हें समन जारी किया गया है. वहीं सीएम ने अपने पत्र में कहा था कि उन्होंने अपने और अपने परिजनों की संपत्ति की जानकारी 30 नवंबर 2022 को ईडी को दी थी. ईडी ने बताया है कि यह विवरण उसके पास उपलब्ध है लेकिन हालिया जांच में सोरेन परिवार की कई बेनामी संपत्तियों की जानकारी ईडी को मिली है. इस संबंध में ही उन्हें समन किया गया है.



