
रांची : झारखंड में अभी केंद्र सरकार द्वारा लायी गयी नयी शिक्षा नीति को लागू नहीं की जायेगी. इसको एक छलावा मात्र करार देते हुए झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि अभी इस पर विचार होगा, उसके बाद ही इसको लागू किया जायेगा. पहली नजर में इसको लागू कर दिया जाये, ऐसा जरूरी नही है क्योंकि नयी शिक्षा नीति अव्यवहारिक है और छात्रहित में नहीं है. वे एक न्यूज चैनल से खास बातचीत के दौरान यह बातें कहीं. उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति को लेकर अभी कैबिनेट में चर्चा होगी, जिसके बाद ही लागू करना है या नहीं करना है, इस पर विचार होगा. लेकिन झारखंड में इसको अभी लागू नहीं किया जा सकता है. नयी शिक्षा नीति की त्रुटियां काफी ज्यादा है. खास तौर पर पारा शिक्षकों के वेतनमान समेत तमाम सुविधाएं कहां से आयेगी, इसको लेकर किसी तरह की कोई चर्चा नहीं की गयी है. इसके अलावा शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों के भविष्य का पूरा सटीक रोड मैप भी नहीं है. इसके लिए शिक्षाविदों से भी राय ली जायेगी कि इसको लागू करने से झारखंड में क्या असर पड़ेगा और क्या लाभ होगा या हानी होगी, सारे पहलुओं को देखने के बाद ही किसी तरह का कोई फैसला लिया जा सकता है. इसको लेकर अभी और भी स्तर पर चर्चा होगी, जिसके बाद कोई फैसला लिया जायेगा. बताया जाता है कि झारखंड सरकार के स्तर पर यह फैसला लिया गया है कि अभी इसको रोका जाये क्योंकि इसमें कई सारे बिंदू ऐसे है, जो आम लोगों से काफी दूर है. आम छात्रों को इससे कोई लाभ नहीं होने जा रहा है.





