अभय तिवारी / गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले के रंका अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न प्रखंड के गांव में एक पखवाड़े में जंगली तेंदुआ के द्वारा तीन बच्चे को हमला कर मौत के घाट उतार दिया गया. वही चार बच्चे को घायल कर दिया गया है. वहीं गुरुवार को पुनः तेंदुए ने एक बच्चे को मारकर खा गया. जबकि एक बच्ची को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया. वन विभाग के अधिकारी पग मार्ग नहीं मिलने के कारण ट्रैप और टीम दोनों लगाने की बात कर रहे है. वही लोगों को सावधानी और सयम बरतने की बात कही है. इसके लिए वन विभाग मृत बच्चे के आश्रितो को तुरंत मुआवजा देगी और तेंदुआ को पकड़ने के लिए कई टीम लगी हुई है. (नीचे भी पढ़ें और देखें वीडियो)
इसकी जानकारी वन प्रमंडल पदाधिकारी शशि कुमार ने दी है और हेल्प लाइन नंबर भी जारी की है. तेंदुए ने पशु पालक के भैंस को भी अपना निवाला बनाया है. 15 दिसंबर को भंडरिया वन क्षेत्र के रोदो गांव निवासी ब्रह्मदेव तूरी के पुत्र विक्रम तुरी को घर के आस-पास खेलने के दरमियान जंगली तेंदुआ अपना निवाला बनाया था. वही 17 दिसंबर को भंडरिया वन क्षेत्र के लहगुड़ुआ गांव में एक भैंस को भी हमला कर मार डाला था. 19 दिसंबर को रंका प्रखंड के सिरोई पंचायत के सेवाडीह गांव निवासी जगदेव सिंह की पुत्री सीता कुमारी पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया था. इस बीच में जंगली तेंदुआ का गांव में देखने का चर्चा होते रहता है. जिससे लोग भयभीत हैं. मंगलवार की शाम भंडरिया क्षेत्र के मंगराही गांव निवासी दिलेश्वर सिंह की पत्नी रमकंडा में लगने वाले हाट बाजार से अपने बच्चे के साथ घर वापस आ रही थी कि रास्ते में 5 वर्षीय बच्ची पर जंगली तेंदुआ ने हमला कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)
बच्ची की मां के द्वारा शोरगुल करने पर ग्रामीणों के मदद से तेंदुआ को भगाया गया. इधर जंगली तेंदुआ के गांव में आने की सूचना पर वन कर्मियों के द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से लोगों को जागरुक किया जा रहा है. वन क्षेत्र पदाधिकारी रंका गोपाल चंद्रा ने मंगराही गांव में बच्ची पर जंगली तेंदुए के द्वारा हुए हमले को लेकर कहां की पग मार्ग नहीं मिलने के कारण जानवर की पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रहा है. इधर रमकंडा प्रखंड के बलीगढ़ पंचायत अंतर्गत ग्राम कुशवार के हरेंद्र घासी (पिता स्वर्गीय बली घासी) को तेंदुआ ने मार डाला. बलीगढ़ पंचायत के मुखिया विनोद प्रसाद गुप्ता ने बताया कि तीन बच्चे घर के पास में ही खेल रहे थे. उसी दौरान अचानक तेंदुआ ने अचानक हमला बोला और एक बच्चा (जिसका नाम हरेंद्र घासी है) उसको तेंदुआ गर्दन से पकड़कर घसीटते हुए ले जा रहा था. पास में खड़े ग्रामीणों के द्वारा हल्ला गुल्ला मचाते हुए पीछा किया गया. तदुपरांत तेंदुआ बच्चे को छोड़कर जंगल की ओर भागा. तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी. यह घटना बीती शाम लगभग 6:00 बजे के बीच में घटित हुई है. जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है.





