
जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा चरमराने का खतरा बढ़ गया है. जहां एक बार फिर से अस्पताल के 300 से अधिक अनुबंधकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. वैसे ये सभी स्वास्थ्यकर्मी पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज हैं और यही कारण है कि आज से ये सभी हड़ताल पर चले गए हैं. आपको बता दें कि बुधवार को हुए कैबिनेट के विस्तार और मंत्रिमंडल के बंटवारा में जमशेदपुर पश्चिम के कांग्रेस विधायक बन्ना गुप्ता को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है, जिनके क्षेत्र में ही यह अस्पताल आता है, वैसे दावा यह किया जाता है कि यह अस्पताल जमशेदपुर पूर्वी में आता है, लेकिन यह शर्मनाक स्थिति सरकार के लिए है. वहीं इन कर्मियों ने साफ कर दिया है कि जबतक इनके बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है ये कर्मी अपना आंदोलन जारी रखेंगे. आपको बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब एमजीएम अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी वेतन भुगतान को लेकर हड़ताल पर गए हैं. इससे पूर्व भी अस्पताल के कर्मचारी वेतन विसंगतियों को लेकर आंदोलन करते रहे हैं. अब सवाल यह उठता है कि करोड़ों रुपए सालाना बजट वाले इस अस्पताल में अगर वेतन को लेकर स्वास्थ्य कर्मी बार-बार हड़ताल पर जाते रहेंगे, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर कितना असर पड़ेगा यह आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं. हालांकि फिलहाल इनके द्वारा इमरजेंसी सेवा को बहाल रखा गया है, लेकिन अगर इनकी मांगे नहीं मानी जाती है तो जल्द ही यह खुद को इमरजेंसी सेवा से भी अलग कर लेंगे.








