
रांची : झारखंड में पूर्ण लॉकडाउन लगाया जा सकता है. आंशिक लॉकडाउन का काफी सकारात्मक असर नहीं होने की वजह से इस पर फैसला लिया जा सकता है. अगर किसी कारणों से पूर्ण लॉकडाउन सरकार नहीं लगा पायी तो यह संभव है कि झारखंड में लॉकडाउन को 15 मई तक के लिए बढ़ाया जा सकता है, जिसमें और भी सख्ती लागू की जा सकती है. शनिवार और रविवार को पूर्ण लॉकडाउन लगाने के अलावा दिन में सिर्फ चार घंटे के लिए ही बाजारों में आवश्यक सामग्रियों की दुकानों को खोलने की इजाजत हो सकती है. उद्योगों को चलाने की इजाजत दी जा सकती है जबकि माइनिंग और कंस्ट्रक्शन के काम की इजाजत दी जा सकती है. बताया जाता है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह के साथ मिलकर सारे सचिवों से लोक कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान लॉकडाउन लगाने और जिलों के प्रभारी सचिवों से हर जिले की रिपोर्ट भी ली कि किस तरह का कोरोना का प्रसार हो रहा है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरोना का हालत खराब है और यह पूरी तरह कंट्रोल नहीं हो रहा है. यहीं वजह है कि लगभग पिक्चर क्लियर हो चुका है कि या तो पूर्ण लॉकडाउन लगेगा या फिर कई और सख्तियों और नये कानूनों के साथ कड़ाई वाला लॉकडाउन लगाया जा सकता है. इसको लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समीक्षात्मक बैठक बुलायी है, जिसमें आपदा प्रबंधन के बारे में विस्तार से चर्चा की जायेगी. हर जिले के डीसी से भी सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रिपोर्ट ले सकते है, जिसके बाद जिलावार भी फैसला लिया जा सकता है यानी जहां कोरोना ज्यादा है, वहां ज्यादा सख्ती बरतने की जरूरत है. इस बीच बिहार सरकार ने अपने एक अहम फैसले में पूरे बिहार में 15 मई तक के लिए संपूर्ण लॉकडाउन लगा दिया है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आपदा की बैठक के बाद इसकी जानकारी ट्विटर पर दी है.












