
रांची : झारखंड में मधुपुर उपचुनाव 17 अप्रैल को होने जा रहा है. इसको लेकर तैयारी चल रही है. इस बीच झारखंड में कोरोना का संक्रमण बेकाबू हो चुका है. हालात यह है कि हर घर में कोरोना ने दस्तक दे दी है और लोगों को बेड और ऑक्सीजन की कमी से भी दो चार होना पड़ रहा है. झारखंड में मेडिकल इमरजेंसी जैसे हालात हो चुके है. खुद झारखंड हाईकोर्ट ने यह माना है कि यह मेडिकल इमरजेंसी जैसे हालात उत्पन्न हो चुके है. इसको देखते हुए झारखंड की हेमंत सोरेन की सररकार लॉकडाउन लगाने की ओर आगे बढ़ रहा है. इसको लेकर लगातार रिपोर्ट तलब की गयी है. जमशेदपुर, रांची में सबसे खतरनाक हालात हो चुके है. रांची में एक दिन में हजार से ज्यादा केस आ रहे है तो जमशेदपुर में 300 के पार ही आंकड़ा रह रहा है और मौत की संख्या भी काफी ज्यादा होती नजर आ रही है. ऐसे में दवाओं की कमी, ऑक्सीजन की कमी और बेड की कमी से हर कोई दो चार होने लगे है. राज्य सरकार ने 30 अप्रैल तक के लिए रात 8 बजे के बाद से दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद तो करा दिया है, लेकिन उससे काफी बेहतर हालात होते नजर नहीं आ रहे है. यहीं वजह है कि सारे जिले के डीसी और सचिवों से बातचीत की गयी है और सारे जिलें से रिपोर्ट मंगायी गयी है. हालात को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरहुल की छुट्टी होने के बावजूद गुरुवार को अचानक से मीटिंग बुला दी है. इस मीटिंग में राज्य के स्वास्थ्य एवं आपदा मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, स्वास्थ्य सचिव कमल किशोर सोन, आपदा सचिव समेत तमाम पदाधिकारियों की मीटिंग बुला दी है. इस मीटिंग में सारी बातों की समीक्षा लेने के बाद फैसला लिया जा सकता है. गुरुवार की शाम को यह मीटिंग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर बुलायी गयी है, जिसमें सारा कुछ तय होना है.
सीबीएसइ के बाद आइसीएसइ की परीक्षाएं भी स्थगित होंगी
बुधवार को केंद्र सरकार ने सीबीएसइ की 10 वीं और 12वीं की परीक्षा भी स्थगित होंगी. इसको लेकर आइसीएसई बोर्ड के अधिकारियों की मीटिंग चल रही है, जिसमें सारे मुद्दे पर फैसला होगा. वैसे यह तय माना जा रहा है कि कोरोना के संक्रमण के कारण आइसीएइ की परीक्षा को भी स्थगित की जायेगी. 10वीं और 12वीं की परीक्षा को स्थगित किया जा रहा है.
झारखंड के मैट्रिक और इंटर की परीक्षाएं भी स्थगित हो सकती है
सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा रद होने व 12वीं की टलने के बाद अब झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर लिए जाने वाले फैसले पर विद्यार्थियों की नजरें टिकी हुई हैं. हालांकि, राज्य के शिक्षा सचिव राजेश शर्मा ने जो संकेत दिए हैं, उससे परीक्षा टलने की संभावनाएं अधिक लग रही हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अभी मामले को देख रहे हैं. उनके आने के बाद बैठक करके परीक्षा पर निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि परीक्षा को लेकर क्या-क्या विकल्प हो सकता है, हम इसे टटोल रहे हैं. शीघ्र ही निर्णय होगा. उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा. इधर, जैक अध्यक्ष डा अरविंद प्रसाद सिंह ने कहा कि परीक्षा आयोजन पर सरकार के निर्णय का इंतजार है. गौरतलब है कि जैक की मैट्रिक व इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 7.34 लाख परीक्षार्थियों को शामिल होना है. इसमें मैट्रिक में 4.3 लाख व इंटर में 3.3 लाख हैं. इधर, जैक ने मैट्रिक व इंटरमीडिएट की प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए 6 से 25 अप्रैल तक की तिथि निर्धारित कर दिया था. अभी स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षा चल रही है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने फरवरी में ही मैट्रिक व इंटरमीडिएट परीक्षा 9 मार्च से ही आयोजित करने का निर्णय लिया था. लेकिन तिथि की घोषणा के साथ ही बहस शुरू हो गई कि सिलेबस पूरा नहीं हुआ है तो परीक्षा कैसे होगी. इसके बाद परीक्षा की तिथि बढ़ाकर सीबीएसई के साथ-साथ चार मई से आयोजित करने का निर्णय हुआ.






