
जमशेदपुर : जमशेदपूर के झारख़ंड मजदूर यूनियन एवं टाटा स्टील दलित निबंधन कर्मचारी पुत्र संघ के लोगों ने झामुमो नेता दुलाल भुइयां के नेतृत्व में मंगलवार को उपश्रमायुक्त (डीएलसी) कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया. उन्होंने टाटा स्टील के खिलाफ उपश्रमायुक्त को एक लिखित अपनी मांगो को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा है. झारखंड मजदूर युनियन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से दुलाल भुइयां ने बताया कि लगभग 30 सालों से अधिक समय से स्थायी नौकरी की मांग की जा रही है, स्थायीकरण के नाम पर सिर्फ दलित कर्मचारियों को धोखा दिया जा रहा है. कंपनी ने कर्मचारियों को धोखे में रखकर वीआरएस, एमएसएस, इएसएस दिलाते हुए कहा था कि परिजनों की योग्यता के अनुसार नौकरी दी जायेगी. लेकिन आज तक नौकरी के तलाश में भटक रहे हैं जबकि सभी परिजन यहां के मूलवासी एवं भूमिपुत्र है. वहीं कंपनी बाहर से आने वाले लोगों का स्थायीकरण कर रही है.
संघ ने उपश्रमायुक्त से निम्नलिखित मांग की है.
- 30 वर्षों से झिने गये साफ-सफाई कर्मियों की नौकरी वापस दे एवं जल्द से जल्द स्थायी नियोजन किया जाय.
- साफ-सफाई के नाम से ठगने वाले बाहरी ठेकेदार को भगाएं और स्थानीय दलित शिक्षित बेरोजगार मूलनिवासी को अधिकार दिलाएं.
- अनूसूचित जाति रिसर्च एण्ड वेलफेयर सोसाइटी के नामकरण बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जी के नाम से किया जाये.
- भीम फुटबॉल एकेडमी (बीएफए) का गठन की जाए.
- टाटा मेन अस्पताल के ठेकेदारी कर्मचारियों एवं गैर कर्मचारियों के लिए 100 बेड (एससी, एसटी, ओबीसी1, अल्पसंख्यक के लिए आइसीयू और सीसीयू में दस-दस बेड आरक्षित किया जाए.
- टाटा स्टील के सीएसआर डिपार्टमेंट में चैयरमेन कोई दलित को प्रतिनिधि दिया जाए एवं बोर्ड में 11 दलित सदस्य होना चाहिए.
- 10 एम्बुलेंस एवं 5 एम्बुलेंस सभी उपकरण सहित दलित एवं आदिवासी समाज के लिय उपलब्ध करवाया जाए.
- डॉ० भीमराव अम्बेडकर के नाम से स्कूल कॉलेज बनाया जाए.
- सभी दलित बस्तियों में टाटा स्टील के द्वारा बिजली-पानी निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए.
- विगत वर्ष 2019 अक्टूबर में टाटा कम्पनी की ओर से 5 हजार कर्मचारी पुत्रों की बहाली की घोषणा टाटा वर्कर्स युनियन के अध्यक्ष आर. रवि प्रसाद द्वारा की गई थी. लेकिन किसी तरह का चर्चा एवं पहल नहीं होने के बाद चैतन मुखी ने जाकर नियोजन के बारे में पूछा गया तो उनके साथ दुर्व्यवहार एवं जात सूचक शब्दों का प्रयोग किया गया उसकी जांच कर उसके उपर उचित कार्रवाई की जाए.
- तार कंपनी में दलितों का 70 घर के परिवार को विस्थापित कर जो नवल टाटा हॉकी ग्राउन्ड बनाकर बेघर किया गया उन सभी लोगों को बिजली पानी के साथ बसाया जाए एवं सर्विस बुक के आधार पर अविलम्ब स्थायी नौकरी दिया जाये.







