
रांची : झारखंड में चल रहे पंचायत चुनाव के दौरान लगातार भाजपा के केंद्रीय नेताओं और भाजपा के बड़े नेताओंके आगमन के खिलाफ सत्ताधारी झामुमो, कांग्रेस और राजद एक मंच पर आकर विरोध किया है. इन तीनों दलों के नेताओं ने शनिवार को चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे और इसको आचार संहिता उल्लंघन का मामला बताया. आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में विशेष तौर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों के झारखण्ड दौरे पर रोक लगाने की मांग को लेकर कांग्रेस-झामुमो एवं राज़द का संयुक्त शिष्टमंडल राज्य निर्वाचन आयोग जाकर ज्ञापन सौंपा. शिष्टमंडल में कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद एवं अग्रणी मोर्चा संगठन प्रभारी रविन्द्र सिंह, झामुमो से सुप्रियो भट्टाचार्य एवं विनोद पांडेय राजद से युवा उपाध्यक्ष विनोद भोक्ता शामिल थे. इन लोगों ने संयुक्त रुप से ज्ञापन सौंपा. इन लोगों ने मांग की कि गैर दलिय एवं स्वतंत्र प्रत्याशियों के द्वारा त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत / पंचायत समिति / जिला परिषद के चुनाव हेतु राज्य के राजनीतिक दल के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को निर्वाचन के सभी प्रकार के प्रचार कार्य से दूर रखा गया है. आदर्श निर्वाचन आचार संहिता के तहत राज्य सरकार को अपरिहार्य कारणों को छोड़ कर किसी भी प्रकार के जन कल्याणकारी योजना की घोषणा अथवा आश्वासन पर भी रोक लगाई गई है. निर्वाचन प्रक्रिया सम्पन्न होने तक आदर्श चुनाव आचार संहिता अस्तित्व में रहेगी. उपरोक्त परिस्थितियों को देखते हुए वर्त्तमान समय में जिला प्रशासन / पुलिस प्रशासन का सम्पूर्ण रूप से स्वतंत्र एवं निमक्ष रूप से अपने कर्तव्यों के निर्वहण की बाध्यता लागू की गयी है. लेकिन प्राप्त सूचना अनुसार भारत सरकार के कई मंत्रियों का अगामी एक पखवाड़े में 19 जिलों में प्रवास एवं राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक का कार्यक्रम तय किया गया है, जो सर्वथा अनुचित एवं राज्य में लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता के विरुद्ध है. इन लोगों ने मांग की है कि चुनाव आयोग तत्काल भारत सरकार के मंत्रियों की राज्य भ्रमण एवं-प्रवास कार्यक्रम को स्थगित करने का उपयुक्त दिशा-निर्देश जारी करे क्योंकि उक्त सभी मंत्री जिला स्तरिय पदाधिकारियों के बैठक के साथ-साथ अपनी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रमों में भी भागीदारी रहेगी, जिससे आसन्न त्रीस्तरीय ग्राम पंचायत चुनाव प्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित होगी.




