
रांची : झारखंड में सियासत का भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय और मंत्री बन्ना गुप्ता के बीच चल रहे वाक्य युद्ध के बीच सरयू राय ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. इस पत्र में श्री राय ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के साथ साथ उनके विभाग के संयुक्त सचिव को भी आड़े हाथों लिया है. श्री राय ने अपने पत्र में लिखा है कि झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15.04.2022 को निर्गत कार्यालय आदेश संख्या-1/स्था.मु.-1-12/2021/199(1) गुड फ्राइडे को निर्गत हुआ है, जो अवकाश का दिन है. इस अधिसूचना में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा प्रेषित पीत पत्र संख्या गै.स.प्रे.सं.-449/गो., दिनांक-14.04.2022 का उल्लेख है. यह पीत पत्र भी 14 अप्रैल को अवकाश के दिन निर्गत हुआ है. पत्र की भाषा स्वतः स्पष्ट है एवं विचित्र है. मनोज कुमार सिन्हा सरकार के संयुक्त सचिव हैं या स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव ? प्रशासनिक प्रक्रिया एवं शब्दावली को मानो इन्होंने तिलांजलि दे दिया है. इस कार्यालय आदेश में नैतिकता के आधार पर निर्णय लिए जाने का जिक्र है. इस आदेश पर सक्षम स्तर से स्वीकृति ली गई है या इसे स्वीकृति की प्रत्याशा में जारी किया गया है ? अवकाश की अवधि में इस तरह का पत्र और अधिसूचना निर्गत होना स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड प्रोत्साहन राशि आवंटन में भारी गड़बड़ी एवं घोटाला की आशंका की तरफ संकेत करने वाला है. आखिर स्वास्थ्य मंत्री और उनके संयुक्त सचिव किसे धोखा दे रहे हैं और क्या छुपाने की कोशिश कर रहे है ? इनका आचरण संदेहास्पद प्रतीत हो रहा है. पीत पत्र लिखने वाले मंत्री और अधिसूचना जारी करने वाले संयुक्त सचिव को अच्छी तरह पता है कि इन्होंने 31 मार्च 2022 की रात 9.00 बजे प्रोजेक्ट भवन कोषागार में मंत्री कोषांग के 60 कर्मियों को कोविड प्रोत्साहन राशि देने का विपत्र भेजा. यह विपत्र कोषागार ने पास कर यह राशि उनके बैंक खाता में भेज देने की प्रक्रिया में पीएमयू भेज दिया. परंतु पीएमयू का सर्वर धीमा हो जाने और रिजर्व बैंक का सर्वर रात 11.00 बजे बंद कर दिए जाने के कारण प्रोत्साहन राशि इनके खाता में स्थानांतरित नहीं हुई और वित्तीय वर्ष बीत जाने के कारण लैप्स हो गई. इसके पहले जिनकी राशि निकल गई थी वह उनके बैंक खाते में चली गई. यह जानकारी होने के बावजूद स्वास्थ्य मंत्री पीत पत्र लिख रहे हैं और उनके संयुक्त सचिव भ्रामक अधिसूचना जारी कर रहे हैं. प्रतीत होता है कि स्वास्थ्य विभाग के कोविड प्रोत्साहन राशि घोटाला में इन दोनों की संयुक्त भूमिका है और अवकाश के दिन सरकारी कार्यालय बंद रहने के बावजूद कार्यालय खोलकर इस घोटाले पर पर्दा डालने की साज़िश कर रहे हैं और प्रशासनिक कार्य प्रक्रिया की अवहेलना कर रहे हैं. श्री राय ने मुख्यमंत्री को बताया है कि स्वास्थ्य विभाग में 100 करोड़ रूपया से ऊपर की राशि कोविड प्रोत्साहन के रूप में देने का आकलन किया गया है. इसका पता होना चाहिए कि कोविड प्रोत्साहन राशि का क्या हुआ ? श्री राय ने अनुरोध किया है कि वर्णित तथ्यों को देखते हुए कोविड प्रोत्साहन राशि की सभी संचिकाओं को ज़ब्त करें और कोविड प्रोत्साहन राशि निर्गत होने की प्रकिया की उच्चस्तरीय जांच कराए.
अपने आवास आवंटन पर सरयू राय ने दी जानकारी
सरयू राय ने रांची स्थित आवास के आवंटन को लेकर मंत्री बन्ना गुप्ता के आरोपों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. श्री राय ने बताया कि उनके ऊपर मंत्री बन्ना गुप्ता ने सवाल उठाया है कि विधायक होने के बावजूद वे मंत्री आवास में क्यों रहते हैं. श्री राय ने कहा है कि इसको उन्होंने मेरी नैतिकता से जोड़ा है. श्री राय ने बताया है कि मंत्री बन्ना गुप्ता एवं सर्वसाधारण की जानकारी के लिये यह बता देना चाहते है कि झारखंड सरकार के भवन एवं आवास विभाग ने जिस अधिसूचना से बन्ना गुप्ता सहित राज्य सरकार के 8 मंत्रियों को आवास आवंटन का आदेश निर्गत किया है, उसी अधिसूचना से कुल 38 विधायकों सहित सरयू राय के आवास भी आवंटित किया है. श्री राय ने बताया है कि सरकार ने जो आवासीय भवन उनको आवंटित किया उसी भवन का उपयोग वे आवासीय कार्यालय के रूप में कर रहे हैं. परंतु बन्ना गुप्ता को सरकार ने जो आवास आवंटित किया वे उसकी जगह किसी अन्य मनपसंद आवास में रहते हैं. वे मंत्री हैं उनकी मर्ज़ी. श्री राय ने कहा है कि जब वे राज्य सरकार में मंत्री थे, तब जिस आवास में रहते थे, वही आवास विधायक के रूप में वर्तमान सरकार ने उनको आवंटित कर दिया. श्री राय ने कहा है कि इस आवास में वे क्यों रहते हैं, यह सवाल उनसे पूछने के बदले बन्ना गुप्ता को सरकार के मुख्यमंत्री से पूछना चाहिये या विधानसभा के अध्यक्ष से पूछना चाहिये या जिसके हस्ताक्षर से आवास आवंटन की अधिसूचना निकली है उससे पूछना चाहिये कि उन्होंने यह आवास उनको क्यों आवंटित कर दिया? यह आवास सरकार ने उनको आवंटित किया इसलिये वे इसका उपयोग कर रहे हैं. बन्ना गुप्ता कोई दूसरा विधायक आवास अपनी सरकार से उनको आवंटित करा दें तो वे वहां चले जायेंगे. श्री राय ने कहा कि बन्ना गुप्ता की तरह उनको किसी मनपसंद आवास की चाहत नहीं है. वे चाहें तो अपनी सरकार से उनको कोई अन्य आवास आवंटित करा सकते हैं. वैसे इस आवास पर उनकी नज़र हो तो इसे अपने नाम से आवंटित करा लें. वे उनके प्रयत्न के प्रतिफल की प्रतीक्षा में रहेंगे.




