रांची : झारखंड में लाल आतंक (भाकपा माओवादी) के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है. डीजीपी के निर्देश पर सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस और झारखंड जगुआर के नेतृत्व चलाए जा रहे ऑपरेशन नवजीवन पार्ट 2 के तहत मंगलवार को झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आधिकारिक तौर पर 16 नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियारों और कारतूसों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया. इस दौरान डीजीपी तदाशा मिश्र, एडीजी मनोज कौशिक, आईजी साकेत सिंह, आईजी पंकज कंबोज, आईजी अभियान नरेंद्र सिंह, आईजी अनूप बिरथरे समेत कई अधिकारी उपस्थित थे. यह आत्मसमर्पण झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और झारखण्ड जगुआर द्वारा चलाए जा रहे चौतरफा संयुक्त अभियानों तथा झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का परिणाम है. पश्चिम सिंहभूम जिले के कई बड़े नक्सली शामिल है. इससे पहले 21 मई को झारखण्ड सरकार के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर कुल 27 नक्सल कमांडर एवं दस्ता सदस्य पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड के समक्ष आत्मसमर्पण किये हैं. 13 जून को भाकपा (माओ०) के शीर्ष कमाण्डर रविन्द्र गंझु समेत कुल 20 लाख इनामी, 17 जुलाई को शीर्ष कमाण्डर अजय महतो उर्फ टाईगर कुल 25 लाख इनामी की गिरफ्तारी एवं भाकपा (माओवादी) बबिता उर्फ अनिता किस्कू ने आत्मसमर्पण किया था. झारखण्ड राज्य में वर्ष 2026 में लगातार संचालित अभियान के फलस्वरूप अबतक कुल 93 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, कुल 45 नक्सलियों द्वारा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया, पुलिस’ मुठभेड़ में कुल 22 नक्सली मारे गये है. (नीचे भी पढ़ें)
इस कड़ी में भा०क०पा० (माओ०) संगठन के विरूद्ध संयुक्त बलों के द्वारा लगातार संचालित नक्सल विरोधी अभियान, संगठन के आंतरिक शोषण से क्षुब्ध होकर तथा झारखण्ड सरकार के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर ऑपरेशन “नवजीवन-II” के तहत भा०क०पा० (माओ०) नक्सली संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी एवं केन्द्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर एवं मारक दस्ता के सदस्य, कोल्हान् तथा सारंडा (पश्चिम सिंहभूम जिला) के सुदूर जंगल पहाड़ी क्षेत्रों के चप्पे चप्पे की जानकारी रखने वाले 14 एवं लातेहार जिला में सक्रिय 02, कुल 16 (पुरूष 11 एवं महिला 05) नक्सल कमांडर एवं दस्ता सदस्य ने कुल 11 हथियार एवं 1562 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)
झारखण्ड पुलिस द्वारा संचालित अभियानों के फलस्वरूप इसी दस्ते के 08 कमांडर एवं दस्ता सदस्य (पुरुष 03 एवं महिला 05) भी छतीसगढ़ राज्य में आत्मसमपर्ण कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि भाकपा (माओवादी) के 15 सदस्य झारखण्ड राज्य के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला. लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग, खूंटी, बोकारो, रांची, सरायकेला एवं गिरिडीह जिला तथा 01 सदस्य ओडिशा के सुन्दरगढ़ जिला के स्थानीय निवासी है. भाकपा (माओवादी) द्वारा इनको पूर्व में दस्ता में शामिल कराया गया था और इनके आत्मसमर्पण से झारखण्ड राज्य विशेषकर पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला एवं आस-पास के जिलों एवं राज्य में माओवादियों की गतिविधि अब लगभग समाप्ति के अंतिम कगार पर है. झारखण्ड सरकार के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ने नक्सलियों को हिंसा का रास्ता का छोड़कर विकास और विश्वास का मार्ग चुनने की नई उम्मीद जगाई है। आज 16 नक्सली मुख्य धारा में जुड़कर राज्य के विकास में सहभागी बने हैं. झारखण्ड राज्य जो कई दशकों से नक्सलवाद और हिंसा का दंश झेल रहा था, आज सुरक्षाबलों के अटूट साहस और रणनीतिक अभियानों के बल पर यह समाप्ति की कगार पर खड़ा है.




