
रांची : झारखंड की पुलिस ने सरकार से रजामंदी मिलने के बाद टाटानगर रेलवे स्टेशन पर 26 जुलाई 2019 की रात मां के साथ सो रही तीन साल की बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म करने और गला काटकर बच्ची की हत्या करने के आरोपियों को ज्यादा सजा दिलाने के लिए झारखंड हाईकोर्ट पहुंच गयी है. शायद यह पहली बार ऐसा हुआ है कि दुष्कर्म के आरोपियों की सजा बढ़ाने को लेकर झारखंड सरकार ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है. इस मामले की मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस राजेश कुमार की बेंच में सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने निचली अदालत के फैसले और केस से जुड़े सारे दस्तावेजों को मंगाया है. इस मामले में दोषियों की ओर से अधिवक्ता अनूप अग्रवाल कोर्ट में हाजिर हुए, जिसको झालसा ने दोषियों की ओर से पैरवी के लिए नियुक्त किया है. इस मामले में अब आगे की कार्रवाई होगी. हाईकोर्ट अगली तिथि मुकर्रर करेगी.
टाटानगर रेलवे स्टेशन से बच्ची का अपहरण कर पहले दुष्कर्म किया था, फिर जब बच्ची रोने लगी तो उसकी हत्या कर दी थी
यह घटना 29 जुलाई 2019 की रात की है. टाटानगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर मां के साथ तीन साल की बच्ची सोयी हुई थी. झाड़ग्राम की महिला अपने एक मित्र मोनू मंडल उर्फ के साथ सोयी हुई थी. मोनु से उसका प्रेम संबंध फोन पर हआ था. उसके बाद वह झाड़ग्राम से उसके पास चली आयी थी. महिला की बच्ची उसके पहले पति से थी. मोनू टाटानगर रेलवए स्टेशन में महिला और बच्ची के साथ ही सोता था. अचानक रात में बच्ची लापता हो गयी. पुलिस जांच शुरू की तो पता चला कि इसमें महिला के प्रेमी मोनू का ही हाथ है. मोनू को गिरफ्तार करने पर उसने रिंकू का पता बताया, जो बर्मामाइंस का रहने वाला था. रिंकू के साथ पुलिस ने कैलाश को गिरप्तार किया. इसके बाद बच्ची की पहले सिरविहीर लाश बरामद की गयी, फिर बच्ची का सिर खोजा गया, जिसके बाद सिर को बरामद किया गया. गिरफ्तार आरोपियों ने अपने बयान में यह स्वीकार किया था कि बच्ची का पहले उन लोगों ने अपहरण किया, फिर दुष्कर्म किया और जब बच्ची रोने लगी तो उसका सिर काटकर फेंक दिया. इस मामले में जमशेदपुर कोर्ट ने 15 जून 2020 को हत्याकांड के मुख्य आरोपी रिंकू साव को उम्रकैद की सजा सुनायी थी. उसे तीन अलग-अलग धाराओं में मौत होने तक जेल में रहने का फैसला सुनाया था जबकि दो अन्य आरोपी मोनू मंडल को दस साल और कैलाश ठाकुर को सात साल कैद की सजा सुनायी गयी थी. तीनों आरोपी जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में बंद है. झारखंड सरकार इस मामले के दो आरोपी मोनू मंडल और कैलाश ठाकुर को भी ज्यादा सजा दिलाना चाहती है जबकि मुख्य आरोपी रिंकू साव को मौत की सजा सुनाने के लिए हाईकोर्ट गयी है ताकि बच्ची के साथ न्याय हो सके.



