रांची : केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ ने जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआइ से निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह मामला केवल परीक्षा में गड़बड़ी का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा है. संजय सेठ ने कहा कि हाल के दिनों में जांच के दौरान टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्रालि (टीडीपीएल) से जुड़े अधिकारियों, जेपीएससी के अधिकारियों और अन्य लोगों पर कार्रवाई हुई है, वहीं, विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में परीक्षा संचालन, ओएमआर शीट में कथित हेरफेर, प्रश्नपत्र की सुरक्षा, परीक्षा एजेंसियों की भूमिका और आर्थिक अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं. इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि जेजीजीएलसीसीई -2023, पीजीटी -2023, एफआरओ, एसीएफ, एफएसओ समेत कई भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. यदि किसी परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. संजय सेठ ने यह भी कहा कि मीडिया रिपोर्टों में कुछ होटल परिसरों के कथित इस्तेमाल और ओएमआर शीट से छेड़छाड़ जैसे आरोप भी सामने आए हैं. ऐसे मामलों की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना आवश्यक है. उन्होंने मांग की कि यदि जांच में मनी ट्रेल या मनी लांड्रिंग के प्रमाण मिलते हैं, तो इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय से भी कराई जानी चाहिए, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके. सीआडी की जांच अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन मामले की गंभीरता, कई एजेंसियों की संभावित भूमिका और अंतरराज्यीय पहलुओं को देखते हुए सीबीआइ जांच जनहित और युवाओं के हित में आवश्यक है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाते हुए पूरे मामले की सीबीआइ जांच की अनुशंसा करे और वित्तीय अनियमितताओं की जांच ईडी को सौंपे. उन्होंने कहा कि झारखंड का युवा केवल निष्पक्ष प्रतियोगिता चाहता है, उसकी मेहनत और प्रतिभा के साथ किसी भी तरह का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता.







