
जमशेदपुर : झारखंड के रियल एस्टेट कारोबारी कंपनी ग्रीन वाटिका कंस्ट्रक्शन्स प्रा. लि. के प्रमोटर अजय अग्रवाल करोड़ों रुपए लेकर पूरे परिवार सहित फरार हो गया. कंपनी ने जमशेदपुर और रांची के सैकड़ों ग्राहकों और निवेशकों से धोखाधड़ी की. किसी से चार करोड़ तो किसी से एक करोड़ तक की रकम ली गई. अब अजय अग्रवाल का घर खाली है. वह पत्नी और बच्चों को लेकर भाग गया है. कंपनी के निदेशक मंडल में अजय अग्रवाल के साथ सोनम अग्रवाल, राजेश अग्रवाल और सुमित्रा अग्रवाल शामिल हैं. ( नीचे देखें पूरी खबर )
अजय अग्रवाल ही कंपनी का मुख्य चेहरा था. कंपनी का दफ्तर उमेश टावर, आदित्यपुर और नामकुम, रांची में था. आदित्यपुर, गम्हरिया और रांची में हाउसिंग प्रोजेक्ट चल रहे थे. पिछले 10 से 15 सालों से यह कंपनी बिल्डर और डेवलपर के रूप में काम कर रही थी. रिश्तेदार भी जमशेदपुर छोड़ चुके हैं. इसकी जानकारी एसएसपी कार्यालय में की गई है. जानकारी देते हुए सबीता अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, मनोज झा, उत्तम कुमार, सचिन गोयल ने बताया कि अजय अग्रवाल ने निवेशकों को तरह तरह के झांसे दिए. किसी को बैंक चेक दिया, किसी से फ्लैट का एग्रीमेंट किया. ( नीचे देखें पूरी खबर)
अब खुलासा हुआ है कि एक ही फ्लैट पर कई लोगों से एग्रीमेंट किया गया. कई ग्राहक एग्रीमेंट लेकर भटक रहे हैं. कई फ्लैटों पर एक से ज्यादा ताले लगे हैं. कुछ दिन पहले अजय चुपचाप रांची पहुंचा और कुछ फ्लैटों की रजिस्ट्री कर दी. पिछले कुछ महीनों तक वह देनदारों के फोन उठाता रहा. हर बार कोई बहाना बनाकर टालता रहा. अब उसका फोन बंद है. सबीता अग्रवाल काे एक करोड़, मनोज झा को 15 लाख, जयपुर के सचिन गोयल को 30 लाख, साकची के बाराद्वारी को 1.15 करोड़, उत्तम कुमार को 1.50 करोड़ का चुना लगाया है. ( नीचे देखें पूरी खबर)
अनुमान है कि 25 से 30 करोड़ रुपए की ठगी की गई है. अब निवेशक पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराकर कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं. लोगों को उम्मीद है कि पुलिस वारंट जारी कर उसे जेल भेजे और अदालत के आदेश से रिकवरी हो. रोहित सिंह की तरह जांच में सामने आएगा कि कितने लोगों से कितनी रकम वसूली गई. पहले लोग इसे व्यापार में उतार-चढ़ाव मान रहे थे. लेकिन जब अजय ने फोन बंद किया और आदित्यपुर स्थित हातिल बिल्डिंग में अपने फ्लैट में ताला लगाकर भाग गया, तब सबको समझ आया कि यह सोची-समझी आपराधिक साजिश थी.




