
रांची : झारखंड सरकार नियुक्ति को लेकर नये सिरे से प्रक्रिया शुरू करने जा रही है. वर्ष 2021 को बहाली का साल घोषित किया गया है. इसको देखते हुए प्रक्रिया पूरे तौर पर शुरू नहीं हुई है. इसको देखते हुए राज्य सरकार विचार कर रही है कि जिलावार क्षेत्रीय भाषा के नाम को तय किया जाये. अब तक विभाग की नियमावली के तहत क्षेत्रीय भाषाओं को प्राथमिकता दी जाती थी. विभाग के स्तर पर ही इसकी सूची जारी की जाती थी. अब इसमें बदलाव किया जायेगा. इसके तहत जिन क्षेत्रों में जिस भाषा का इस्तेमाल ज्यादा होता है, वहां के लिए उसी भाषा को प्राथमिकता दी जायेगी और वहां के लिए उसी भाषा को तय कर दिया जायेगा. झारखंड में बोली जाने वाली सारी भाषाओं को प्राथमिकता, इसके जरिये मिल जायेगी.इसके बाद नियुक्ति के लिए जिलावार क्षेत्रीय भाषाओं की सूची जारी की जायेगी. इससे लोकल लोगों को लाभ हो सकेगा. बताया जाता है कि कार्मिक विभाग इसको लेकर प्रस्ताव तैयार कर रहा है. इसको बाद में कैबिनेट में ले जाया जायेगा, जहां जिलावार क्षेत्रीय भाषाओं की घोषणा कर दी जायेगी. आपको बता दें कि भाषा को लेकर विवाद चल रहा है. इसको लेकर सरकार में शामिल मंत्री मिथलेश ठाकुर ने भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को भी जेपीएससी के तहत स्वीकृत क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में शामिल करने की मांग की थी. उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की थी, जिसको लेकर एक ज्ञापन भी उन्होंने सौंपा है. वैसे भी विपक्ष भी इसको लेकर विरोध कर रहा है.






