
जमशेदपुर : झारखंड में कभी भी रजिस्ट्री का काम ठप हो सकता है. पूरे राज्य में रजिस्ट्री का काम करने वाली डीपीएमयू सेल में काम करने वाले कर्मचारी कभी भी काम बंद कर सकते है. इसकी बड़ी वजह यह है कि इसका काम लेने वाली ठेका कंपनी एसबीसी द्वारा अपने कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दिया जा रहा है. इसको लेकर इन कर्मचारियों द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रधान सचिव, राजस्व, निबंधन और भूमि सुधार विभाग के संयुक्त सचिव, सहकारिता विभाग और कृषि, पशुपालन विभाग के संयुक्त सचिव को त्राहिमाम पत्र भेजा है. इन लोगों ने लिखे गये पत्र में कहा है कि वे लोग राजस्व शाखा के डीपीएमयू सेल में कार्यरत है. उनका पे रोल कंपनी एसबीसी एक्सपोर्ट लिमिटेड द्वारा किसी भी माह में समय पर सैलरी नही दिया जाता है. सरकार के संयुक्त सचिव, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, रांची के पत्रांक 3753 दिनांक एक अक्तूबर एवं विभागीय पत्रांक 3546 दिनांक 19 सितंबर 2019 द्वारा कंपनी को दुर्गा पूजा के पहले सभी कर्मचारियों का बकाया सैलेरी का भुगतान करने हेतु पत्र प्रेषित किया जा चुका है. इसके बावजूद कंपनी द्वारा सैलेरी नही दिया गया है, जिसके कारण कर्मचारियों को काफी परेशानी हुई. इन लोगों ने शिकायत की है कि कंपनी द्वारा कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया जा रहा है और हर रोज यही कहा जाता है कि आज हो जायेगा, आज बैंक का इश्यू है, आज इंटरनेट का इश्यू है. कंपनी द्वारा कॉल रिसीव भी नही किया जाता है और ना ही व्हाट्सएप्प पर कोई जवाब दिया जाता है. काम करने के बावजूद सैलेरी के लिए कंपनी के आगे भिखारी के तरह गिड़गिड़ाना पड़ता है. इन लोगों ने मांग की है कि तत्काल राज्य सरकार एसबीसी एक्सपोर्ट लिमिटेड कंपनी को ब्लैकलिस्ट करते हुए उन लोगों को जिला इ-गर्वनेंस सोसाइटी में रख दिया जाये. साथ ही कर्मचारियों को समय पर सैलेरी न देकर आर्थिक और मानसिक प्रताड़ित करने हेतु कंपनी के कर्मचारी हर्ष ओमर और मेसर्स कीर्ति के ऊपर भी कड़ी कार्रवाई की जाये.



