
रांची : झारखंड की राजधानी रांची में गवर्निंग बॉडी (शासी परिषद) की बैठक में कई फैसले लिये गये. इस फैसले के तहत कई प्रस्ताव लाये गये थे, जिसमें मंत्री के लिए अस्पताल के फंड से लग्जरी गाड़ी खरीदने का प्रस्ताव था. इस प्रस्ताव को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने खुद ही बैठक में खारिज करा दिया और कहा कि इस तरह के प्रस्ताव की जरूरत ही नहीं थी, यह कैसे आ गयी. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की क्लास भी लगायी. हालांकि, इस बैठक में कई तरह के फैसले लिये गये. इसके तहत रांची के रिम्स में नये डायरेक्टर की संपुष्टि की गयी. डॉ कामेश्वर प्रसाद को नया निदेशक के पद पर नियुक्त कर दिया गया. इसके अलावा एसएसी-एसटी सदस्य के पद के श्री जेठाना के इस्तीफे को भई मंजूरी दे दी गयी. निदेशक को चतुर्थ और तृतीय वर्ग की बहाली के लिए अधीकृत किया गया. इसके अलावा करीब 145 लोगों के चयन की मंजूरी दी गयी, जिसमें 14 ओटी टेक्निशियन और 25 लैब टेक्निशियन शामिल है. 365 नर्सों की बहाली को लेकर पहले विज्ञापन निकाला गया था, जिसको खारिज करने पर मंजूरी दी गयी और 370 नये नर्सों की बहाली को मंजूरी दी गयी. यह भी फैसला लिया गया कि रिम्स के स्थायी कर्मचारियों को हेल्थ कार्ड बनाकर दिया जायेगा ताकि वे लोग आसानी से अपना इलाज करा सके जबकि अनुबंध में बहाल किये गये कर्मचारियों को भी चिकित्सा की सुविधाएं दी जायेगी. इस दौरान रिम्स के चिकित्सक डॉ उमेश प्रसाद को कई मामलों के आरोप से बरी भी कर दिया गया.
रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य मंत्री ने लिया भाग
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने रिम्स में आयोजित रक्तदान शिविर में भी हिस्सा लिया. इस रक्तदान शिविर में काफी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने बेहतर कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया.
शासी परिषद की बैठक में भाजपा नेता को जाने से रोका गया
करीब 13 महीनों के बाद रिम्स शासी परिषद की बैठक विवादों के बीच हुई. रांची विश्वविद्यालय के कुलपति की तरफ से बैठक में शामिल होने के लिए अधिकृत भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव को ऐन मौके पर बैठक में शामिल होने से रोक दिया गया. इससे विवाद बढ़ गया. इससे पहले श्री शाहदेव को 12 अक्टूबर को बैठक में शामिल होने के लिए ईमेल किया गया था. अब ऐन वक्त पर कोरोनाकाल का हवाला देकर ई-मेल कर बैठक में शामिल होने का न्योता वापस ले लिया गया. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव को भी ई-मेल के जरिए निमंत्रण भेजा गया था. लेकिन बैठक के दिन बुधवार को ही उन्हें ई-मेल आया कि आप बैठक में शामिल नहीं हो सकते हैं. प्रतुल शाहदेव ने कहा कि शासी परिषद में 35 एजेंडे थे. इसमें एक एजेंडा स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के लिए लग्जरी गाड़ी खरीदने से भी जुड़ा हुआ था. कोरोना काल का हवाला देते हुए इस एजेंडे को उठाए जाने पर एक साजिश के तहत उन्हें बैठक से अलग किया गया. प्रतुल शाहदेव का आरोप है कि स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने एक साजिश के तहत रिम्स शासी परिषद के एजेंडे में अपने लिए एक लग्जरी गाड़ी खरीदने का प्रस्ताव डाला था. मामला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने लग्जरी गाड़ी की मांग नहीं की थी. यह पूछे जाने पर कि जब एजेंडे में इस बात का जिक्र था तो फिर आपने उस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कैसे किया.







