
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम के दौरे पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर बड़ा हमला बोला है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री ने अपने नाम से खनन पट्टा ले लिया. जब मामला सामने आया तो खनन पट्टा को सरेंडर करने से उनका अपराध कम नहीं हो जाता है. पूरी सरकार का आचरण ही भ्रष्ट है. वे मुख्यमंत्री से इस्तीफा की मांग करते है. ऐसी सरकार को तत्काल बरखास्त कर देना चाहिए और सत्ता से हटा देना चाहिए. श्री मरांडी पश्चिम सिंहभूम के चक्रधरपुर के रेलवे साउथ वेस्ट इंस्टीच्यूट में आयोजित दो विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को संबोधत कर रहे थे. श्री मरांडी ने यहां लोगों से अपील की कि वे लोग अच्छे लोगों को पंचायत चुनाव में जीताकर लाये. गांव में भी अपनी सरकार बनानी है और अच्छी सरकार बनानी है ताकि समस्याएं दूर हो सके. रोजगार के अवसर पैदा किये जा सके. इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने मंडल अध्यक्षों से बातचीत की और कई सारी जानकारी ली. कहा कि पंचायत चुनाव में सभी पदों पर पार्टी के कार्यकर्ता लड़ेंगे और जीत हासिल करेंगे, इसके लिए तत्काल सारे लोग रणनीति बनाकर काम करें. इस मौके पर भाजपा के जिला अध्यक्ष बिपिन पूर्ति, अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अशोक षाड़ंगी, जेबी तुबिद, पूर्व विधायक शशिभूषण सामद, पूर्व विधायक गुरुचरण नायक, पुत्कर हेम्ब्रम, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गगराई, मालती गिलुवा, संजय पांडेय, नंदजी प्रसाद, दिनेश चंद्र नंदी, सुशीला टोप्पो, ललित मोहन गिलुवा, इंद्रजीत सामड, अमरेश प्रधान, हरीश सामड, रोहित प्रधान, केदारनाथ नायक, कुश पुरती, गोपाल सिंह गांझू, रामकृपाल प्रधान, जगदीश पाट पिंगुवा, राजेंद्र मछुआ, दिनेश सुरीन, राकेश शर्मा, राजेश गुप्ता, शेष नारायण लाल, दीपक सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे. (नीचे देखे पूरी खबर)

पश्चिम सिंहभूम चेंबर के लोग भी पूर्व सीएम से मिले
पश्चिम सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राजकुमार ओझा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी से उनके चाईबासा प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में मुलाकात की. इन लोगों ने झारखंड विधानसभा की ओर से पारित कृषि उपज व पशुधन विपणन विधेयक 2022 के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा और इस विधेयक को निरस्त करने की मांग की. इस मौके पर ट्रांस्पोर्ट समिति के चेयरमैन राधा मोहन बनर्जी, जीएसटी समिति के चेयरमैन अजय गुप्ता, उद्योग समिति के चेयरमैन छोटेलाल तामसोय और अन्य लोग मौजूद थे.




