
रांची : झारखंड में एक बार फिर से कोरोना की रफ्तार में कमी आयी है. कोरोना का संक्रमण तेजी से फैला तो था, लेकिन उतनी ही तेजी से नीचे आ रहा है. अगर सबकुछ ठीक रहा तो झारखंड सरकार स्कूलों को फिर से खोलने पर विचार कर सकती है. कक्षा 6 से 12 तक पहले खोला गया था, लेकिन बाद में कोरोना के संक्रमण को देखते हुए फिर से स्कूलों को बंद क दिया गया था. इसके मुताबिक, राज्य सरकार विचार कर रही है कि पहले 6 से 12 क्लास तक के बच्चों को फिर से स्कूल बुला लिया जाये और उसके साथ ही कक्षा 1 से लेकर 5 तक के बच्चों को भी स्कूल बुला लिया जाये क्योंकि संक्रमण का दर काफी नीचे है और नया वेरिएंट जानलेवा भी नहीं है. केंद्र सरकार के गाइडलाइंस के मुताबिक, एक दिन छोड़कर दूसरे दिन एक स्टूडेंट को बुलाने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने समेत तमाम चीजों का अनुपालन कराते हुए स्कूलों को खोलने पर विचार कर सकती है. राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग बुलायी है. आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता के साथ भी विचार विमर्श किया जायेगा. शनिवार को इसकी बैठक रांची स्थित शिक्षा मंत्री के आवास में आहूत की गयी है. इस मीटिंग में विस्तार से चर्चा की जायेगी. इस मीटिंग में स्कूल एसोसिएशन से जुड़े लोगों के अलावा अभिभावकों के संगठनों से जुड़े लोगों को भी बुलाया गया है. इस मीटिंग में अहम फैसला लिया जा सकता है. शनिवार को होने वाली बैठक के बारे में जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने बताया कि आपदा प्रबंधन के अधिकारियों के साथ शनिवार को बैठक बुलायी गयी है. इसमें अभिभावकों को भी बुलाया गया है. इस कारण इसमें सारे पहलुओं को देखने के बाद स्कूलों को खोलने को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ बैठक करने के बाद फैसला लिया जायेगा. अपनी ओर से मीटिंग कर हम मुख्यमंत्री को अवगत करा देंगे, जिसके बाद आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में विस्तार से चर्चा की जायेगी, जिसमें आगे के पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जायेगी.
दूसरी ओर, लॉकडाउन को लेकर भी सरकार फैसला लेने जा रहा है. यह संभव है कि एक से दो दिनों में राज्य सरकार लॉकडाउन में ढील देने को लेकर विचार कर सकती है. वर्तमान में राज्य सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए 31 जनवरी तक के लिए रात आठ बजे तक सारी दुकानों को बंद करने का आदेश जारी किया गया था. रात 8 बजे के बाद रेस्टोरेंट, दवा और बार को संचालित करने का सिर्फ आदेश था. रात आठ बजे के बाद अन्य दुकानों को बंद करने का आदेश दिया गया है. इसमें बदलाव किया जायेगा और संभव है कि 1 फरवरी से ही पहले जैसे सामान्य हालात को बहाल कर दिया जायेगा. इसको लेकर सभी जिलों के संक्रमण दर पर विस्तार से चर्चा की जा रही है.




