
जमशेदपुर : झारखंड राज्य आवास बोर्ड द्वारा गोविंदपुर में इडब्ल्यूएस फ्लैट के निवासियों के नाम से भू-संपदा पदाधिकारी, झारखंड राज्य आवास बोर्ड की ओर से नोटिस जारी किया गया है. नोटिस के अनुसार एक मकान की कीमत 15 लाख चुकाने होंगे. किसी तरह जीवन-यापन करने वाले इस फ्लैट के निवासी कहां से 15 लाख की रकम चुकाएंगे, यही सोचकर लोग परेशान हैं. इसे लेकर बुधवार को फ्लैटवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल रांची में आवास बोर्ड के निदेशक से मिला. इससे पहले वे सभी नगर विकास व आवास मंत्री सीपी सिंह से मिलकर फ्लैट के कागजात दिखाएं, 15 लाख रुपए चुकाने में हो रही परेशानी को बताया. उन्होंने कहा कि इस फ्लैट में सभी मध्यम आय वाले व्यक्तियों का निवास है. इतनी रकम वे कहां से लाएंगे. उन्होंने मांग की कि आवास योजना के तहत ली जाने वाली रकम के अनुपात में ही यह रकम रखी जाए ताकि हर एक फ्लैट वासी अपना घर का सपना साकार कर सकें. प्रतिनिधिमंडल में कमलेश सिंह विमल कांत झा, गुड्डू, राहुल कुमार समेत अन्य शामिल थे.
तीन तल्ला चौक पर हुई बैठक
गोविंदपुर के तीन तल्ला चौक पर फ्लैटवासियों की बीती शाम बैठक हुई, जिसमें बताया गया कि पहले भी आवास बोर्ड द्वारा मकान की कीमत लगाई गई थी. 1993 में तत्कालीन बिहार सरकार के आवास मंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें आवास बोर्ड के निदेशक भी शामिल थे. उस समय एक मकान की कीमत 53 हजार लगाई गई थी. उस समय भी इस राशि का विरोध हुआ था. मामला हाईकोर्ट में चला गया था, लेकिन आगे चलकर फ्लैटवासियों की ओर से कोई मुकदमा लडऩे को तैयार नहीं हुआ. इससे आवास बोर्ड के पक्ष में ही फैसला हुआ था। तब से लोग ऐसे ही फ्लैट में रह रहे हैं.



