
रांची : झारखंड विधानसभा का बजट सत्र की शुरुआत शुक्रवार को हो गयी. राज्यपाल के अभिभाषण के साथ इसकी कार्यवाही समाप्त हुई. राज्यपाल द्वारा यहां अपना अभिभाषण समाप्त किया गया. इस दौरान दिवंगत लोगों को शोक प्रस्ताव पढ़ा गया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही को सोमवार की सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया. इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति का गठन भी किया. इस समिति में खुद विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री आलमगीर आलम, मंत्री सत्यानंद भोक्ता, भाजपा विधायक सीपी सिंह, आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो और विधायक सरयू राय को सदस्य बनाया गया है. इसमें सभापति के पर स्टीफन मरांडी, सीता सोरेन, विरंची नारायण, रामचंद्र चंद्रवंशी और नमन विक्स कोंगाड़ी को स्पीकर ने सभापति नियुक्त किया है. इसमें विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर मंत्री चंपई सोरेन मंत्री रामेश्वर उरांव, विधायक प्रदीप यादव, सरफराज अहमद, अपर्णा सेनगुप्ता, बिनोद सिंह, पूर्णिमा नीरज सिंह, नीलकंठ सिंह मुडा, लोबिन हेम्ब्रम, विधायक नलिन सोरेन को शामिल किया गया है.
सदन में शोक प्रस्ताव पढ़ा गया
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सदन में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई विधायकों ने शोक प्रस्ताव को पढ़ा. इस दौरान पिछले सत्र से इस सत्र के बीच दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. इसमें विधायक कमल किशोर भगत, लता मंगेश्कर, महेंद्र प्रसाद, बिरजू महाराज, बप्पी लाहरी, राहुल बाजाज समेत अन्य लोग शामिल है. सभी को यहां श्रद्धांजलि दी गयी. (नीचे देखे पूरी खबर)

राज्यपाल ने सरकार की गिनायी उपलब्धियां
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पहले दिन राज्यपाल रमेश बैस ने सदन को संबोधित किया. इससे पहले सदन में आने पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने राज्यपाल का स्वागत किया. राज्यपाल ने राज्य सरकार के विकास योजनाओं और कार्यों का उल्लेख कियका जबकि विधायकों को नसीहत दी कि प्रत्येक सदस्य का यह दायित्व है कि वे राज्यहित को सर्वोपरि रखते हुए जनता की अपेक्षाओं को पूरा करें. उन्होंने कहा कि संविधान देश के सभी नागरिकों को समुचित अधिकार देता है, नागरिकों के अधिकार को अक्षुण रखने के लिए सभी को अपना दायित्व का निर्वह्न करना होगा. राज्य सरकार द्वारा दो लाख से अधिक किसानों को 825 करोड़ रुपये हस्तांतिरत किये गये है ताकि उनको कृषि का लाभ मिल सके जबकि 75 फीसदी लोगों को निजी क्षेत्र में आरक्षण दिया गया है. (नीचे देखे पूरी खबर)

माले विधायक और आजसू विधायक ने दिया धरना
सदन के बाहर दो विधायकों ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया. आजसू विधायक लंबोदर महतो ने स्थानीय नीति और नियोजन नीति की मांग को लेकर विधानसभा के मुख्य गेट पर धरना दिया. वे राज्य सरकार से 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय और नियोजन नीति को लागू करने की मांग की. इस दौरान माले विधायक बिनोद सिंह ने भी मांग की कि भाजपा सरकार की स्थानीय नीति स्थानीयता को परिभाषित नहीं करती है, जिस कारण इसको हर हाल में रद्द किया जाना चाहिए.








