
जमशेदपुर : झारखंड प्रदेश यूथ इंटक की बैठक प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पांडेय के नेतृत्व में आदित्यपुर कार्यालय में हुई. बैठक में देशव्यापी हड़ताल एवं विरोध प्रदर्शन की रूप रेखा तैयार की गई एवं प्रत्येक यूथ इंटक के नेताओं को 26 नम्बर को क्षेत्रवार आयोजन सफल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई. 25 नवंबर की शाम को मशाल जुलूस निकाल कर जागरूकता अभियान चलाने को प्रदेश अध्यक्ष ने निर्देश दिया एवं सभी को कल विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से होने वाली यूथ इंटक की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उपस्थित रहने को कहा, जिसमें इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रोफेसर गौरव वल्लभ एवं कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता सह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार बतौर मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे. (आगे की खबर नीचे पढ़ें)
बैठक को संबोधित करते हुए शैलेश पांडेय ने कहा कि इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी एवं केन्द्र श्रमिक संगठनों के आह्वान पर 26 नवम्बर को केन्द्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध झारखंड प्रदेश यूथ इंटक काला बिल्ला लगाकर पदयात्रा निकाल कर के पूरे प्रदेश में करेगी. शैलेश पांडे ने बताया कि लाकडाउन अवधि में देश के 12 करोड़ श्रमिकों का रोजगार खोया, कितनो ने बेरोजगारी के आलम में आत्महत्या की परंतु सरकार को होश नहीं आया, हजारों प्रवासी मजदूरों का भूख एवं रेल पटरी से कटकर मौत हुई, प्रतिदिन डिजल-पेट्रोल आलू-प्याज की कीमतों में वृद्धि ने मजदूरों के कमर तोड़ने का काम किया है. मजदूर व किसान जो कि इस कठिन समय में सरकार से मदद की आशा लगाए बैठे थे, सरकार ने नये श्रम व कृषि जैसा काला कानून लाकर उनके अधिकारों का हनन कर उनके विश्वास को तोड़ने का काम कर रही है, सरकार देश के श्रमिकों एवं किसानों के आवाज़ दबाने में लगी है एवं ट्रेड यूनियन को निरस्त करने में जुटी हैं, मजदू वर्ग को पंगु बनाने में लगी केन्द्र सरकार एवं केन्द्र सरकार की कॉर्पोरेट परस्त जन विरोधी नीतियों के खिलाफ 26 को पूरे देश में देशव्यापी हड़ताल एवं ज़ोरदार प्रदर्शन कर मोदी सरकार को होश में लाने का काम किया जाएगा. यूथ इंटक के राष्ट्रीय महासचिव नितेश राज ने भी समस्त कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की. बैठक में जिला अध्यक्ष पूर्वी सिंहभूम अंजनी पांडे, जिला अध्यक्ष सरायकेला खरसावां अवधेश सिंह, जिला अध्यक्ष पश्चिम सिंहभूम हसलुदीन खान, अरूण त्रिपाठी, राजा सिंह राजपूत, कार्यालय सचिव आशुतोष सिंह, नवीन सिंह, राकेश कुमार, रिता शर्मा, मनोज पाठक, विश्वजीत पांडा, शैलेश कुमार, बबलू नौशाद, राहुल राय, प्रहलाद नायक , अजित सिंह, रवि हांसदा, अखिलेश कुमार, हरिश यादव सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे. (आगे की खबर नीचे पढ़ें)
23 नवंबर को होनेवाले विरोध-प्रदर्शन में केन्द्र सरकार से 10 सूत्री मांग (नीचे पढ़ें)
- मजदूर विरोधी श्रम कानून को वापस ले सरकार
- किसान विरोधी विधेयक वापस लो
- फिक्स्ड टर्म इमपलौयमेंट की अवधारणा को रद्द करों
- आउटसोर्सिंग बंद करें
- सरकारी संस्थाओं का निजीकरण बंद करो
- न्यूनतम मजदूरी 21000 करो
- ठेका श्रमिकों को कानूनी एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराया जाए
- एनपीएस वापस लो, पुरानी पेंशन योजना की पुनर्बहाल सुनिश्चित करें
- कमर्शियल माइनिंग का फैसला वापस लिया जाए
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय और एल आई सी का विनिवेश करने की नीति पर अविलंब रोक लगाई जाए
- पीएफ के ब्याज दर को कम करने के फैसले को वापस लिया जाए
- 2016 से लंबित “भारतीय श्रम सम्मेलन” तत्काल आयोजित किया जाए.






