
चाकुलिया : कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा की है. लॉकडाउन होने से मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाने वाले परिवार के समक्ष आर्थिक स्थिति उत्पन्न होने लगी है. शुक्रवार को प्रखंड के सुगनीबासा गांव निवासी धानी हांसदा, पार्वती पात्र, सलमा हांसदा, कन्ना सोरेन, मालती किस्कू और रवि गोप चावल लेने के लिए सुबह 9 बजे ही प्रखंड मुख्यालय पहुंच गये. सभी ग्रामीण प्रखंड कार्यालय खुलने और पदाधिकारीयों के आने की इंतजार में सभी प्रखंड कार्यालय से सटे एक वृक्ष के नीचे बैठकर साहब के आने का इंतजार कर रहे थे. ग्रामीणों से पेड़ के नीचे बैठने की बजह की जानकारी ली गई तो सभी ने कहा कि वे सभी चावल लेने के लिए बैठे है. उन्हें चावल देने के लिए साहब ने बुलाया है. सभी छह ग्रामीणों ने बताया कि उनके पास राशन कार्ड भी नहीं हैं. वे सभी किसी तरह मेहनत मजदूरी कर अपना पेट भरते थे परंतु लॉक डाउन होने के कारण उनके पास काम भी नही है जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. काम नही मिलने के कारण उनके समक्ष भरण पोषण करने का संकट आ गया है. कहा कि उन लोगों ने गांव पहुंचे साहब के पास अपनी समस्या रखकर चावल देने की मांग की थी जिसपर साहब ने कहा था कि प्रखंड कार्यालय आना चावल देंगे इस कारण वे सभी प्रखंड कार्यालय आये हैं ताकि उन्हें चावल मिल सके.







