
जमशेदपुरः होली एक ऐसा त्योहार है, जिसमें रंग लगाए बिना कोई रह ही नहीं सकता है. वहीं दूसरों को रंग लगाने से कोई मना भी नहीं कर सकता. मार्केंट पर उपलब्ध रंगो पर भरोसा करना मुश्किल है. मार्केट में कौन रंग नेचुरल है व कौन सी रंगों में मिलावट है, इसे तय कर पाना मुश्किल है. भरसक हम प्रयास करते है नेचुरल रंगों के प्रयोग करने की . रंग सच में पक्की है या नहीं इसका कोई भरोसा नहीं होता.बाजार में आर्गेनिक व नेचुरल रंगों की बिक्री खूब होती है.पर बाजार में मिलने वाले रंग सच में नेचुरल है या नहीं इसका संदेह हम सभी को एक बार जरूर होता है. इन रंगो को हम घर पर भी तैयार कर सकते है, वो भी फूल के पत्तियो से. इन रंगों को बनाने में थोड़ी परेशानी अवश्य होगी. अगर आपको अपनी स्किन खराब होने से बचानी है तो इन रंगों को नेचुरल तरीके से घर पर तैयार किया जा सकता है. रंगों को बनाने के लिए सबसे पहले हमें विभिन्न प्रकार के फूल का प्रयोग करना होगा. लाल रंग बनाने के लिए लाल गुलाब का इस्तमाल किया जाएगा, वहीं हरा रंग के लिए हिना मेहदी का प्रयोग करें, नीले रंग के लिए गुलमोहर का प्रयोग,पीले रंग के लिए हल्दी का प्रयोग,वहीं नारंगी रंग तैयार करने के लिए टेशू के फूल का प्रयोग करें.(नींचे भी पढ़ें)
रंग बनाने की विधि-
.लाल रंग- सबसे पहले लाल रंग के गुलाब या गुड़हल की पंखुड़ीयों को घूप में सूखा दे. पंखुड़ीयों के सूख जाने पर उसका महीन पाउडर तैयार कर ले, फिर उसमें थोड़ा सा आटा मिलाएं. तैयार है हमारा लाल रंग का गुलाब. इसी प्रकार पानी में लाल चंदन पाउडर के प्रयोग से गीला रंग बनाया जा सकता है. वहीं अनार के छिलके को पानी में उबाल कर गीले रंगों का प्रयोग किया जा सकता है.
.हरा रंग- हरे रंग बनाने के लिए हिना मेहंदी का प्रयोग कर सकते है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले हिना पाउंडर को पानी में घोल दें. थोड़े देर घोल कर रखने के बाद प्रयोग करें.
.पीला रंग-पीले रंग का गुलाल बनाने के लिए सूखा हल्दी पाउडर का प्रयोग करें. उसी के साथ हल्दी में थोड़ा सा आटा मिलाकर गुलाल तैयार किया जा सकता है. वहीं गेंदे के फूल को घूप में सूखा कर, उसका महीन पेस्ट तैयार कर लें, जिसका प्रयोग पीले रंग की गुलाल के तौर पर किया जा सकता है.
.नारंगी रंग- नारंगी रंग का गुलाल तैयार करने के लिए टेशू के फूल को रातभर भिंगोकर रखे, सुबह उठकर टेशू के फूल को निचोड़ कर फेंक दें, फिर उसका प्रयोग करें.



