
मुंबई : मुंबई: महाराष्ट्र के भंडारा जिले के जिला अस्पताल में शनिवार तड़के आग लगने से 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने भंडारा जिला कलेक्टर को इस घटना की जांच करने और 48 घंटे के भीतर तथ्यात्मक कार्रवाई रिपोर्ट भेजने के लिए पत्र लिखा है. वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जिला अस्पताल में आग लगने की घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के साथ-साथ भंडारा जिले के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बात की. उन्होंने जांच का भी आदेश दिया है. स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने ऐलान किया है कि भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने की घटना में मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. साथ ही उन्होंने कहा है कि मुझे प्रथम दृष्टया के आधार पर भंडारा अस्पताल में आग लगने का का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है. 10 बच्चों में से 3 की मौत आग से हुई, जबकि 7 की मौत धुएं के कारण हुई. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.’ (नीचे भी पढ़ें)
इस घठना पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट करके कहा है कि महाराष्ट्र के भंडारा में हुए अग्नि हादसे में शिशुओं की असामयिक मृत्यु से मुझे गहरा दुख हुआ है. इस ह्रदय विदारक घटना में अपनी संतानों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करके कहा है कि महाराष्ट्र के भंडारा में दिल दहला देने वाली घटना हुई है. हमने कई बहुमूल्य नौजवान जिंदगियों को खो दिया. मेरे विचार सभी शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. उम्मीद है कि घायल जल्द से जल्द ठीक होंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में आग दुर्घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं अपने दर्द को शब्दों में बयां नहीं कर सकता. मेरे विचार और संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. भगवान उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दें. राहुल गांधी ने राज्य सरकार से मृतकों और घायलों के परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने की अपील की है.



