
जमशेदपुर : गुजरात के वेलस्पून इंडिया लिमिटेड कंपनी में कार्यरत व लॉकडाउन के कारण वहां फंसी 150 युवतियों की घर वापसी की जल्द होगी. इसके लिए युवतियां गुजरात में जहां रहती हैं, वहां से स्थानीय प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिया है. इस संबंध में संबंधित अधिकारियों ने ट्विटर के माध्यम से जानकारी दी है. उल्लेखनीय है कि युवतियां पोटका प्रखंड के खरियासाई, तिरिंग (हाता), ढेगाम, कोवाली, कुंदरूकोचा, लोवाडीह, दामुडीह समेत अन्य गांवों की निवासी हैं. वर्ष 2017 से वे गुजरात स्थित उक्त कंपनी में धागा जोड़ने का काम करती हैं.

लॉकडाउन के दौरान कंपनी में काम करने वाले पुरुष मजदूर अपने गांव-घर चले गये, लेकिन ये युवतियां वहीं फंस गयीं. उसके बाद से मजदूर की कमी का हवाला देते हुए कंपनी द्वारा इन्हीं युवतियों से आठ से 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है और बदले में आठ घंटे का ही पारिश्रमिक दिया जा रहा है. युवतियों ने पोटका विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री को बताया था कि वहां उनका आर्थिक व मानसिक शोषण हो रहा है. इसके बाद विधायक संजीव सरदार के अलावा बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने भी ट्विट के माध्यम से इस मसले को उठाते हुए जल्द से जल्द युवतियों की वापसी का आग्रह किया था.







