
सरायकेला : जिले के आदित्यपुर स्थित फुटबॉल मैदान में श्रम शक्ति अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री रघुवर दास ने की. इस दौरान झारखंड सरकार के श्रम मंत्री राज पलिवार, सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा और स्थानीय झामुमो विधायक चम्पई सोरेन भी नही पहुंचें। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दीप प्रज्वलित कर की। रिमोट कंट्रोल द्वारा श्रम शक्ति अभियान के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ‘श्रम शक्ति अभियान’ को गांव गांव तक मिशन मोड में चलाएं. श्रम शक्ति अभियान के तहत असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों का शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन कराना सरकार का लक्ष्य है. इस योजना की प्रगति के लिए सभी प्रखंडों के अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी सक्रियता के साथ अपनी भूमिका निभाएं. सभी जिलों के उपायुक्त और उप विकास आयुक्त श्रम शक्ति अभियान के कार्यान्वयन की अपने स्तर से मॉनिटरिंग करेंगे। उन्होंने श्रम सचिव राजीव अरुण एक्का को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य के जितने भी नियोक्ता हैं, चाहे टाटा कंपनी ही क्यों न हो, सभी के साथ मीटिंग कर सभी असंगठित मजदूरों का निबंधन श्रम शक्ति अभियान में एक माह के भीतर कराएं। अगर कम्पनियां बात नहीं मानतीं हैं तो उनपर कठोर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। वहीं विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों तथा भाजपा कार्यकर्ताओं से मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति निबंधन 10 रुपये निबंधन करवाने वाले को दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों में सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूकता नहीं रहने के कारण वे दूसरों के ऊपर निर्भर हो जाते हैं. श्रमिकों को जागरूक कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाना है. इस अवसर पर मजदूरों को पंजीकृत कर मुख्यमंत्री द्वारा रजिस्ट्रेशन कार्ड सौंप कर सम्मानित किया गया। वहीं कार्यक्रम को मुख्यमंत्री रघुवर दास के अलावा जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का ने भी संबोधित किया।



