
जमशेदपुर/मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने टाटा समूह के एमिरट्स चेयरमैन रतन टाटा को उद्योग रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया. शनिवार को महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे अपने दोनों डिप्टी सीएम अजीत पवार और देवेंद्र फड़नवीस के साथ रतन टाटा के आवास पर पहुंचे और उन्हें पहला उद्योग रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया. सीएम शिंदे ने बताया कि उद्योग रत्न पुरस्कार महाराष्ट्र सरकार द्वारा पहली बार शुरू किया गया है. रतन टाटा और टाटा ग्रुप का देश के लिए योगदान बहुत बड़ा है. महाराष्ट्र सरकार द्वारा दिए गए इस पुरस्कार को स्वीकार करने के लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं. सम्मानित होने के बाद 85 वर्षीय रतन टाटा ने सभी को धन्यवाद दिया. देवेंद्र फड़नवीस ने शुभकामना देते हुए उनकी लंबी आयु की कामना की. रतन टाटा ने इस सम्मान को पाकर कहा कि वे इस अवार्ड को पाकर काफी गौरांवित महसूस कर रहे है. यह हमारे लिए खुशी की बात है. (नीचे भी पढ़ें)

महाराष्ट्र की सरकार और महाराष्ट्र की जनता का वे आभारी हैं. बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने पिछले 28 जुलाई को महाराष्ट्र उद्योग रत्न पुरस्कार रतन टाटा को देने की घोषणा की थी. उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया कि यह पुरस्कार महाराष्ट्र में काम करने वाले इंडस्ट्रियलिस्ट को दिया जाएगा. युवा और महिला उद्यमियों की हौसला अफजाई के लिए सरकार ने पुरस्कार देने का फैसला किया है. रतन टाटा अपनी सादगी के लिए भी मशहूर हैं. रतन टाटा ने 1991 में टाटा ग्रुप की कमान संभाली थी. इसके बाद उन्होंने अपने कारोबारी फैसलों से टाटा समूह को कई देशों तक पहुंचा दिया. ऑटोमोबाइल के अलावा संचार,केमिकल सेक्टर में टाटा समूह का दखल बढ़ा. वह 2012 तक टाटा सन्स के चेयरमैन रहे. रतन टाटा को 2000 में पद्म भूषण और 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था. यह उनके कद को बताने के लिए काफी है कि पूरी सरकार उनके घर पर जाकर उनको सम्मानित की. अपने कर्मों से उन्होंने अपनी यह मुकाम हासिल की है.



