
राजन सिंह
चाकुलिया : कहते हैं कि एक शिक्षक कभी भी सेवानिवृत्त नही होते हैं. शिक्षक लोगों को शिक्षित करने के साथ ही समाज के विकास के लिए हमेशा लोगों को जागरूक करते रहते हैं. ऐसा ही कुछ प्रखंड की कुचियाशोली पंचायत के मातापुर गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक भूपेन्द्र नाथ महतो कर रहे हैं. वह खुद खेती कर ग्रामीण किसानों को खेती करने के प्रति जागरूक करते दिख रहे हैं. भूपेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि वे 2013 में सेवानिवृत्त हुए, तब से वह क्षेत्र के किसानों को जागरूक करने के लिए साल में तीन फसलों की खेती करते हैं. क्षेत्र के किसान सिर्फ धान की ही खेती करते हैं और बाकी समय जमीन परती रहती है.
यह देख उन्होंने साल में तीन फसलों की खेती करनी शुरू कर दी. उनको देखकर गांव के कुछ किसानों ने भी तीन फसलों की खेती करनी शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि धान की फसल के बाद उन्होंने चार बिघा जमीन पर सरसों की खेती की है. अभी तक सरसों की खेती में उन्होंने चार से पांच हजार रुपये ही खर्च किया है और अब उनकी सरसों की फसल तैयार है. चार से पांच हजार रुपये खर्च कर उन्हें इस फसल से पन्द्रह हजार रुपये की कमाई होगी. क्षेत्र के किसान भी खेती कर लाभान्वित होंगे, तो क्षेत्र का विकास होगा और समाज समृद्ध होगा.







