
रविवार को सामाजिक संस्था जयराम यूथ स्पोर्टिंग क्लब पर एफआईआर दर्ज होते ही वरिष्ठ समाजशास्त्री रवींद्रनाथ चौबे ने जिले के उपायुक्त से उक्त कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की है. उन्होंने विधायक अरविन्द सिंह और उनके सहयोगियों द्वारा ओल्ड एम टाईप दुर्गा पूजा मैदान में लाकडाउन से प्रभावित गरीबों के बीच खाद्यान्न वितरण कार्य को पुण्य का काम बताया और कहा उक्त स्थल पर नियुक्त दण्डाधिकारी के रिपोर्ट पर अन्न दान करने वाले स्वयंसेवकों पर माहामारी कानून के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए भादवि की धारा 188, 269 और 270 के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया है. हालांकि सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करने के लिए स्थल पर घेरा बनाया गया है फिर भी भीड़ उमड़ी थी, जिसमें शोषल डिस्टेंसिंग का भरसक अनुपालन करने का प्रयास किया गया. वैसे उन्होंने इसके लिए सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं को नाकाफी बताया. और कहा सरकार के अधिकारियों द्वारा बड़े निष्ठा से गरीबों को भोजन मुहैया कराने का अभियान चलाया जा रहा है फिर भी बहुत जरूरतमंद अभी भी वंचित हैं. ऐसे में मानवीय और राष्ट्रीय कर्तब्य के अनुपालन करने में लाखों संस्थाएं और स्वंसेवक आगे आ रहें हैं. देश के सामाजिक जीवन में यह स्वर्णिम दौर है. जहां स्वयंसेवक लॉकडाउन का पालन करने के साथ भूख से बिलखते लोगों का भूख मिटा रहे हैं. वहीं उन्होंने झारखंड सरकार से आग्रह है कि हर जिले में उपायुक्त को आदेशित किया जाए कि शोषल डिस्टेंसिंग का पालन करने वाले स्वंसेवको को पास दिलाने की व्यवस्था करे.








