
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिला के महालीमुरुप रेलवे स्टेशन में तकनीकिशन के पद पर कार्यरत रेलवे कर्मचारी दीपांकर घोष की पहचान कोरोना संदिग्ध के रुप में हुई है. दरअसल बीते 15 मार्च को हावड़ा से रायपुर के बीच रेल में सफर के दौरान वे जिस बोगी में सफर कर रहे थे, उसी बोगी में एक कोरोना पाजीटिव मरीज भी था. ऐसे में उस कोरोना पाजीटिव मरीज के संपर्क में आकर संक्रमण होने की आशंका के मद्देनजर जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम सूचना मिलते ही आनन- फानन में महालीमुरुप स्थित उनके रेलवे क्वार्टर पहुंची. वहीं टीम द्वारा कोरोना संदिग्ध मरीज को पूरे एहतियात से 108 एंबुलेंस से जमशेदपुर के एमजीएम ले जाया गया. जहां उसकी जांच की जाएगी. इधर रेलवे कॉलोनी में संदिग्ध मरीज के मिलने से हड़कंप मचा रहा. इसको लेकर जांच चल रही है. वैसे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कहा है कि अभी जांच चल रही है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही किसी तरह की कोई कार्रवाई की जा सकती है. इसको लेकर ज्यादा हायतौबा मचाने की जरूरत नहीं है, जांच होने के बाद अगर पोजिटिव पाये जायेंगे तो उनके संसर्ग में आये सारे लोगों की जांच की जायेगी ताकि इसके फैलाव की कड़ियों को रोका जा सके.

रेलवे की ओर से कर्मचारियों और अधिकारियों को इसके लिए एडवाइजरी जारी की गयी है. इसके तहत कहा गया है कि अगर कोई भी पोजिटिव मरीज किसी भी ट्रेन में सफर करता होता है तो उसके सारे कर्मचारियों की जांच होगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही किसी को फिर से ट्रेन में चढ़ने की इजाजत होगी. उनको आइसोलेशन वार्ड या फिर क्वावंटाइन यानी घर में ही कैद रखने को कहा गया है ताकि वायरस का फैलाव नहीं हो सके. कड़ियों को तोड़ने के लिए इस तरह की कार्रवाई काफी जरूरी है. इसको लेकर सबको सचेत रहने की जरूरत है.








