सरायकेला : स्थानीय जगन्नाथ मंदिर में रविवार को अक्षय तृतीया पर प्रातः 10 बजे महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी का विशेष पूजन हुआ जिसके बाद रथयात्रा के लिए विशेष रथ निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया. लगभग दो महीने पश्चात रथयात्रा को देखते हुए रथ का निर्माण कराने के लिए आवश्यक सामग्रियों सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया. पूजा में आसपास के क्षेत्रों के जगन्नाथ भक्त उपस्थित रहे. (नीचे भी पढ़ें)
पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण हुआ. कार्यक्रम में पुजारी, जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष राजा सिंहदेव सहित समिति के अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे. जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारी पावन अक्षय तृतीया के दिन से ही शुरू हो जाती है की पवित्र तिथि से ही आरंभ हो जाती हैं. पंचांग के अनुसार रथ निर्माण का आरंभ अक्षय तृतीया की तिथि से होता है.(नीचे भी पढ़ें)
विशेष बात यह है कि अक्षय तृतीया की तिथि से जहां रथ के निर्माण का कार्य शुरू होता है, वहीं वहीं रथ निर्माण के लिए लड़की का चयन बसंत पंचमी के दिन से ही प्रारंभ हो जाता है. रथ के प्रयोग में लाई जाने वाली लकड़ी को ‘दारु’ कहा जाता है. विशेष बात ये है कि रथ के लिए लकड़ी चयन की जिम्मेदारी जगन्नाथ मंदिर की एक खास समिति की होती है. रथ निर्माण में समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाता है. रथ निर्माण में किसी धातु का बिल्कुल प्रयोग नहीं किया जाता है. मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने से मोक्ष की प्राप्ति होती है.



