
जमशेदपुर : सरायकेला खरसांवा जिले के खरंसावा थाना क्षेत्र में हुए मॉब लिंचिंग मामले में गुरुवार को सरायकेला-खरसांवा न्यायालय में सुनवाई हुई. यह सुनवाई एडीजे 1 अजीत कुमार सिंह के न्यायालय में हुई. सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ममता सिंह ने मृतक तबरेज आलम की पत्नी साहिस्ता परवीन के बयानों को क्रॉस एग्जामिन किया. मौके पर घटना का मुख्य आरोपी पप्पू मंडल भी सरायकेला जेल से वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए जुड़ा था. इस दौरान अधिवक्ता सिंह ने साहिस्ता परवीन द्वारा पुलिस को दिए गए बयान से जुड़े कई सवाल पूछे गए. साहिस्ता ने कोर्ट में क्रॉस एग्जामिन के दौरान न्यायालय को बताया कि वह पप्पू मंडल से पहली बार सरायकेला थाना में तब मिली जब वह अपने पति तबरेज से मिलने गई थी. तबरेज ने ही उसे पप्पू मंडल को दिखाते हुए बताया था कि यह पप्पू मंडल है और उसी ने उसकी पिटाई करवाई है. इसके अलावा उसे यह याद नहीं की बयान में उसने पुलिस को बताया था कि जमशेदपुर से लौटने के क्रम में रास्ते में उसे 100 लोगों ने रोककर उसकी पिटाई की है यह किसने बताया था. वहीं न्यायालय को साहिस्ता ने बताया कि घटना के बाद से वह अभी तक किसी राजनैतिक नेता से नहीं मिली जबकि अपने ही बयान में उसने स्वीकार किया कि वह घटना के बाद दिल्ली में बयान देने गई थी जहां वह कई लोगों से मिली. वहां उसे कौन ले गया यह उसे याद नहीं. उन्होने न्यायालय में यह स्वीकार किया कि उन्हे जानकारी थी कि उनके पति चोरी के आरोप में पकड़े गए है. उसने पति को झूठे चोरी के केस में पकड़ने की शिकायत कहीं नहीं की थी. इस मामले में अभी केस से अनुसंधानकर्ता समेत कई लोगो की गवाही होनी बाकि है.






