सरायकेला: कला नगरी सरायकेला में रथ उत्सव की शुरुआत हो चुकी है. बुधवार को पवित्र देव स्नान पूर्णिमा के मौके पर प्राचीन जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रहों को पवित्र स्नान कराया गया. उसके बाद परंपरा अनुरूप प्रभु को खट्टा प्रसाद खिलाया गया, जिसके बाद भगवान बीमार होकर स्वास्थ्य लाभ के लिए गर्भगृह चले गए. अगले 15 दिनों तक महाप्रभु बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ गर्भगृह में रहेंगे. जहां उनका उपचार किया जाएगा. इस दौरान मंदिर के कपाट बंद रहेंगे. 26 जून को नेत्रोत्सव के साथ ही महाप्रभु गर्भगृह से बाहर निकलेंगे और प्रभु का नेत्रदान होगा. 27 जून को महाप्रभु बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ रथ पर सवार होकर प्रजा से मिलने नगर भ्रमण पर निकलेंगे और अपनी मौसी के घर तक पहुंचेंगे. जहां विश्राम करने के बाद वापस श्रीधाम यायेंगे. इस दौरान कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा. बुधवार देर शाम पूर्व मुख्यमंत्री सह सरायकेला के स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन सरायकेला पहुंचे जहां उन्होंने रथ निर्माण कार्य का जायजा लिया और संतुष्टि जताई. (नीचे भी पढ़ें)

आपको बता दें कि सरायकेला में इसबार 25 लाख की लागत से नए रथ का निर्माण किया जा रहा है. इसी पर सवार होकर भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे. इस रथ का निर्माण पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के सहयोग से उड़ीसा के कुशल कारीगरों द्वारा किया जा रहा है जो अब मूर्त रूप ले चुका है. उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में पर्व त्यौहार और आस्था की बड़ी अहमियत है. भगवान जगन्नाथ के रथ निर्माण में अपने सामर्थ्य के अनुरूप सहयोग किया है. यह रथ मूर्त रूप ले चुका है. इस रथ पर विराजमान होकर महाप्रभु नगर भ्रमण को निकलेंगे. उन्होंने क्षेत्र के लोगों को रथ उत्सव की शुभकामनाएं दी. उसके बाद पूर्व सीएम जगन्नाथ मंदिर की ओर से आयोजित भजन संध्या में शामिल हुए और महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया. इस मौके पर उनके साथ राजा आदित्य प्रताप सिंहदेव, उनके छोटे सुपुत्र बबलू सोरेन, विधायक प्रतिनिधि सनंद कुमार आचार्य, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा भाजपा नेता लिपू मोहंती आदि मौजूद रहे. मंदिर कमेटी की ओर से सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया.



