सरायकेला: सिधकोफीड के द्वारा सहकारिता के माध्यम से कृषि वन उपज में आजीविका संवर्धन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन बुधवार को सरायकेला जिले के वन चेतना भवन में संपन्न हुआ. इसमें उपायुक्त अरवा राजकमल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि हमारे लैम्पस इन योजनाओं का लाभ उठाकर एक सशक्त सहकारिता समिति बन सकते हैं. उन्होंने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि सहकारिता के माध्यम से बाजार से लड़ने की क्षमता भी बढ़ सकती है.उन्होंने महासंघ की पहल के लिए सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि महासंघ से सभी लोग जुड़ें और यहां के उत्पाद को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएं. कार्यशाला में वन प्रमंडल पदाधिकारी ए नारायण, उपविकास आयुक्त प्रवीण कुमार गागराई, परियोजना निदेशक , आईटीडीए संदीप दोरायबुरू, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत, जिला पंचायती राज पदाधिकारी धर्मवीर लकड़ा औऱ जिला सहकारिता पदाधिकारी अशोक तिवारी उपस्थित थे. राज्य के सिधकोफीड से ऋषिकेष कुमार, शिला मतंग, दीप शिखा, कालंदी सेठ, कुशानु दास औऱ सद्दाम हुसैन भी उपस्थित थे.(नीचे भी पढ़े)

अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सहकारी समितियों के विचार औऱ संबंधित सफलता की कहानियों पर प्रकाश डालते हुए परियोजना प्रबंधन टीम ने कार्यशाला को आगे बढ़ाया. प्रतिभागियों को अमूल और लिज्जत पापड़ के ऑडियो विजुअल दिखाकर उनका ज्ञानवर्द्धन किया गया. एलएएमपीएस और पीएसीएस के प्रतिनिधियों ने अपनी सफलता की कहानियों, अनुभवों और सुधार क्षेत्रों को साझा किया. सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करनेवाले लैम्पस में से एक नामकुम लैम्पस के अध्यक्ष ने अपने संबोधन के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रेरित किया.नामकुम लैम्पस धान की खरीद से लेकर सदस्यों के लिए ऋण सुविधाएं प्रदान करनेवाली सेवाओं के साथ एक बहुद्देशीय सोसाईटी के रूप में कार्य कर रहा है. सिधकोफीड ने इसकी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा के साथ कार्यशाला का समापन किया और यह भी बताया कि यह कार्यक्रम हर एक जिला में आयोजित किया जाएगा ताकि हमारे राज्य के सभी किसान इस महासंघ और इसकी योजना से अवगत हो सकें और इसकी सफलता के साझेदार बन सकें.



