
जमशेदपुर/मुंबई : टाटा समूह के स्वरुप को भारत सरकार बदलेगा. नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (एनसीएलएटी) के फैसले के बाद उत्पन्न हुए हालात के बाद भारत सरकार के कारपोरेट मामलों के मंत्रालय ने हस्तक्षेप कर दिया है. इस मामले में भारत सरकार की रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की ओर से कंपनी को पब्लिक कंपनी घोषित करने के बजाय प्राइवेट बनाये जाने पर आपत्ति जतायी है. आदेश का अध्ययन करने के बाद सरकार इसको फिर से पब्लिक कंपनी घोषित करने की योजना बना रही है. साइरस मिस्त्री को लेकर दिये गये फैसले के आधार पर भारत सरकार इस मामले में अपना हस्तक्षेप करने जा रही है. एनसीएलएटी ने अपने आदेश में टाटा संस के के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन के पद पर साइरस मिस्त्री को वापस पदस्थापित करने का आदेश दिया है जबकि टाटा समूह को पब्लिक कंपनी से प्राइवेट कंपनी में तब्दील करने को भी गलत करार दिया है.

इस आदेश के बाद भारत सरकार के पक्ष में सारा मामला चला गया है. बताया जाता है कि कंपनी मामलों के मंत्रालय ने इससे संबंधित सारे दस्तावेजों का अध्ययन कर रही है. इसके आधार पर आगे की कोई कार्रवाई करेगा. वैसे टाटा समूह की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करने की तैयारी की है, जिसके लिए वकीलों की टीम इसको लेकर दस्तावेज तैयार कर रही है. दूसरी ओर, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने कर्मचारियों के नाम एक संदेश भी जारी किया है. इस संदेश में श्री चंद्रशेखरन ने कहा है कि इसको लेकर कानूनी कदम उठाये जा रहे है, जिसको लेकर अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गयी है.






