
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन कार्यालय में गुरुवार को जेआरडी टाटा की के जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया. यूनियन के सभी कमेटी मेंबर, सक्रिय सदस्य, पदाधिकारी एवं अध्यक्ष और महामंत्री ने इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए. कार्यक्रम में सबसे पहले जेआरडी टाटा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर अध्यक्ष एवं महामंत्री के साथ उपस्थित सभी जनों ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किया. तत्पश्चात महामंत्री आरके सिंह ने उपस्थित लोगों को टाटा आचार संहिता के अनुपालन हेतु शपथ दिलाई क्योंकि जेआरडी टाटा के जन्मदिन को एथिक्स डे के रूप में मनाया जाता है. इस उपलक्ष में यूनियन के महामंत्री एवं अध्यक्ष ने संयुक्त रुप से टाटा आचार संहिता के बोर्ड का अनावरण किया. यह बोर्ड यूनियन ऑफिस में लगाई जाएगी ताकि कोई भी यूनियन का सदस्य कहीं भी टाटा कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन होते पाए तो उचित स्थान पर इसकी शिकायत या सूचना दे पाए. इसके लिए यूनियन ऑफिस में बोर्ड लगाने की व्यवस्था की गई है. इस अवसर पर अपने संबोधन में महामंत्री आरके सिंह ने कहा कि जेआरडी टाटा का पूरा जीवन देश और समाज को समर्पित रहा है. ऐसे व्यक्ति जिन्होंने समाज के लिए अपना पूरा जीवन दे दिया और वो टाटा समूह के सदस्य थे. (नीचे पूरी खबर पढ़ें)

इस बात पर हम सभी को भी टाटा समूह में कार्य करते हैं उनको गर्व होता है. साथ ही साथ उन्होंने सामाजिक दायित्व को जो दिशा दिया है. उसी पर चलकर पिछले दिनों कोविड-19 के समय टाटा समूह ने 1500 करोड़ रूपया देश के लिए देने का काम किया. टाटा समूह में एक साधारण वर्कर से लेकर उच्च अधिकारी एक ही आचार संहिता (टाटा आचार संहिता) के प्रति उत्तरदायित्व होकर कार्य करते हैं. इसी कारण से टाटा ग्रुप का समाज में एक अलग पहचान है. हम सब पूरे यूनियन के तरफ से जेआरडी टाटा को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम अपने निजी जीवन में और कार्य जीवन में कार्यस्थल पर किसी भी तरह से अनुचित कार्य न करें ना होने दें. यही जेआरडी टाटा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी. अध्यक्ष गुरमीत सिंह तोते ने कहा कि यह गर्व है कि हम सब टाटा ग्रुप के सदस्य हैं. जेआरडी टाटा ने कई ऐसे कार्य किए हैं जिससे भारत का नाम पूरे विश्व में प्रतिष्ठित हुआ है. सामाजिक दायित्व के प्रति टाटा ग्रुप का तुलना में कोई भी बिजनेस समूह नहीं किया जा सकता. साथ ही साथ टाटा आचार संहिता हम सबको निर्भीक रूप से काम करने की आजादी देती है. हम उनके बताए गए रास्ते पर चलकर अपने सामाजिक और निजी दायित्व को निभाने का हम सब पूरा प्रयास करेंगे. अंत में धन्यवाद ज्ञापन अनिल शर्मा ने किया.





