
जमशेदपुर : टाटा समूह की ओर से जो वादा किया गया था, उसको निभाया गया है. अस्थायी कर्मचारियों को भी वेतन देने की अनुशंसा टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने किया था और चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने भी कहा था कि जो भी अस्थायी कर्मचारी है, उसको लॉकडाउन और कोरोना वायरस के दौरान सारी व्यवस्था दी जाये. उनको कठिन घड़ी में पैसे भी दिया जाये. इस वादे को पूरा करते हुए टाटा समूह ने अस्थायी कर्मचारियों को पैसे दिये है. टाटा समूह की बड़ी कंपनी टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट के अधीन सारे अस्थायी, बाइ-सिक्स समेत तमाम स्तर के कर्मचारियों के बैंक एकाउंट में पैसे भेज दिये गये है. इसके तहत सभी कर्मचारियों को करीब 12 हजार रुपये एकाउंट में भेजे गये है. सबको एकमुश्त 12 हजार रुपये दिया गया है. वर्तमान हालात में कर्मचारियों को दी गयी इस सुविधा से सारे कर्मचारी गदगद है. टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट की प्रवक्ता सुश्री पल्लवी ने इस बात की पुष्टि की है कि सभी कर्मचारियों के एकाउंट में पैसे भेज दिये गये है. करीब 3700 अस्थायी कर्मचारियों को यह राशि दी गयी है. इसके बाद में टाटा मोटर्स के इंप्लाइज रिलेशन से जुड़े पदाधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि सभी कर्मचारियों के एकाउंट में पैसा चला गया है. जो ठेका मजदूर है, उनको भी यह राशि दी गयी है. कांट्रैक्ट कंपनियों को कहा गया था कि लॉकडाउन के दौरान वे लोग भी कर्मचारियों को पूरा वेतन दे, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गयी है. टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट की प्रवक्ता सुश्री पल्लवी ने बताया कि यह पहले से ही नीतिगत फैसला ले लिया गया था, जिसके आधार पर सबको वेतन दिया गया है.






