
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स की जमशेदपुर यूनिट में मंगलवार को एक दिन का ब्लॉक क्लोजर तथा 2 अक्टूबर गांधी जयंती की छुट्टी के बाद कंपनी गुरुवार, 3 अक्टूबर को खुल गयी. कंपनी के खुलते ही 2 दिन ब्लॉक क्लोजर समेत 4 दिन छुट्टी का सर्कुलर जारी कर दिया गया. ऑटोमोबाइल सेक्टर में छायी मंदी का यह एक ऐसा साइड इफेक्ट है, जिससे टाटा मोटर्स कंपनी बाहर नहीं निकल पा रही है. वैसे आपको बता दें कि www.sharpbharat.com ने इसकी जानकारी पहले ही दे दी थी. सर्कुलर के मुताबिक 5 अक्टूबर, शनिवार एवं 7 अक्टूबर, सोमवार को 2 दिन का ब्लॉक क्लोजर रहेगा. 6 अक्टूबर, रविवार को सार्वजनिक अवकाश तथा 8 अक्टूबर को विजयादशमी की पेड होलीडे रहेगी, यानी कुल मिलाकर कंपनी 4 दिनों तक लगातार बंद रहेगी. 9 अक्टूबर, बुधवार को कंपनी खुलेगी. इससे पहले 6 सितंबर, 14 व 18 सितंबर को कंपनी ब्लॉक क्लोजर में थी. कंपनी प्रबंधन द्वारा इस वित्तीय वर्ष में अब तक 26 ब्लॉक क्लोजर लिए जा चुके हैं जबकि आगामी 5 व 7 अक्टूबर को ब्लॉक क्लोजर के बाद इसकी संख्या 28 हो जाएगी. हाल ही में कंपनी प्रबंधन और टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के बीच समझौता हुआ जिसमें ब्लॉक क्लोजर के दिन को बढ़ाकर 39 दिन कर दिया गया था. ब्लॉक क्लोजर के दौरान कंपनी के सभी स्थाई समेत अन्य कर्मियों को नियमानुसार आधे दिन का वेतन दिया जाएगा.
मंदी का दिखने लगा साइड-इफेक्ट, टिमकेन में शुरू हुआ ब्लॉक क्लोजर

रेलवे समेत निजी गाड़ियों से लेकर अन्य तरीके से बियरिंग बनाने वाली कंपनी टिमकेन पर भी मंदी का असर दिखने लगा है. ऑटोमोबाइल सेक्टर में छायी मंदी का ही यह असर है कि कंपनियों में ब्लॉक क्लोजर लेना पड़ रहा है. टिमकेन इंडिया लिमिटेड के जमशेदपुर प्लांट में गुरुवार 3 अक्तूबर से ब्लॉक क्लोजर शुरू हो गया, जो 9 अक्तूबर तक चलेगा. 7 दिन के ब्लॉक क्लोजर उत्पादन ठप रहेगा. ऐसे में कंपनी 10 अक्तूबर को खुलेगी. इस संबंध में 1 अक्टूबर को ही प्रबंधन द्वारा सर्कुलर जारी कर दिया गया था. क्लोजर का सामंजस्य कर्मचारियों के पीएल (प्रीविलेज लीव) या सीएल (कैजुअल लीव) से किया जायेगा. अवकाश के आधे दिन का भार कंपनी उठायेगी जबकि आधे दिन कर्मचारियों को उठाना है. इससे पहले टिमकेन प्रबंधन ने जमशेदपुर प्लांट में 30 मई से 1 जून, 25 जुलाई से 31 जुलाई तक ब्लॉक-क्लोजर लिया था.
टाटा कमिंस में भी क्लोजर की संभावना

जमशेदपुर : टाटा कमिंस में भी ब्लॉक क्लोजर की संभावना जतायी जा रही है. कमिंस टाटा मोटर्स के लिए ही इंजन बनाती है. यहीं वजह है कि टाटा मोटर्स के साथ साथ अक्सर कमिंस में क्लोजर रहता है. हालांकि, अब तक इसकी घोषणा नहीं की गयी है. कमिंस यूनियन के अधिकारियों को मैनजेमेंट ने जरूर वार्ता के लिए बुलाया है. इस वार्ता के बाद ही कोई साफ हो पायेगा कि क्लोजर होगा या नहीं.



