
जमशेदपुर: जमशेदपुर के बारीडीह निवासी युवा कवि गुरुचरण महतो ने थर्ड मार्च (जमशेदपुर शहर के संस्थापक के जयंती-संस्थापक दिवस) के उपलक्ष्य में एक स्वरचित कविता टाटा:श्रेष्ठता की झलक लिखा है. इस कविता के माध्यम से उसने जमशेदपुर शहर की विकास गाथा को बहुत ही बारीकी से क्रम दर क्रम व्याख्या किया है. जमशेदपुर के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता के साथ-साथ यहां के औद्योगिक विकास, विश्वास, आधुनिकीकरण और सुरक्षा का भी जिक्र किया है. उन्होंने बताया कि यह कविता जमशेदपुर शहर के संस्थापक स्वर्गीय जमशेदजी नौसरवानजी टाटा को श्रद्धांजलि देते हुए समस्त जमशेदपुर वासियों को समर्पित किया है. कविता के अंतिम हिस्से में उन्होंने शहर व देश के तमाम नागरिकों से आग्रह किया है कि तन-मन से एक साथ सब मिलकर अपने-अपने शहरों को हरा-भरा और स्वच्छ रखने तथा एक खुशहाल विकसित देश का सृजन करने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।इस कविता को फेसबुक और व्हाट्सएप पर तमाम ग्रुपों में खूब पसंद और शेयर किया जा रहा है. कवि गुरुचरण महतो ने आगे बताया कि वह टाटा स्टील और जमशेदपुर शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित एक उपन्यास लिखने पर योजना बना रहे हैं.







